AYUSH Counselling 2025 की प्रक्रिया उन छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर बन चुकी है जो NEET में योग्य तो होते हैं, लेकिन MBBS या BDS में सीट प्राप्त नहीं कर पाते। ऐसे में BAMS, BHMS, BUMS, BSMS, और BNYS जैसे पारंपरिक चिकित्सा पाठ्यक्रम एक वैकल्पिक नहीं, बल्कि व्यवहारिक और स्थायी करियर विकल्प बनकर उभरते हैं। इन courses में बढ़ती रुचि का एक मुख्य कारण है भारत सरकार की आयुष नीति, WHO की सक्रिय भागीदारी, और wellness healthcare सेक्टर का निरंतर विस्तार।

हालांकि, इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश की प्रक्रिया यानी AYUSH Counselling, छात्रों और अभिभावकों के लिए अक्सर जटिल और भ्रमित करने वाली सिद्ध होती है। कौन-सा portal सही है? किस round में भाग लेना चाहिए? क्या A और State counselling दोनों जरूरी हैं? ऐसे ढेरों सवाल हर साल लाखों छात्रों को परेशान करते हैं। इसलिए इस ब्लॉग का उद्देश्य है कि AYUSH Counselling 2025 की संपूर्ण प्रक्रिया को सरल भाषा में, 5 स्पष्ट चरणों के माध्यम से समझाया जाए, ताकि हर छात्र सही निर्णय ले सके और अपनी योग्यतानुसार सर्वोत्तम संस्था में प्रवेश प्राप्त कर सके।
Rajesh Mishra, जिनके पास 16 वर्षों का अनुभव है और जिन्होंने 3000 से अधिक छात्रों का सफलतापूर्वक मार्गदर्शन कर उन्हें प्रतिष्ठित सरकारी व निजी संस्थानों में प्रवेश दिलाया है, का मानना है कि सफलता केवल मेरिट पर नहीं, बल्कि सही जानकारी और समय पर लिए गए निर्णयों पर निर्भर करती है।
इस ब्लॉग में हम AYUSH Counselling 2025 की पूरी प्रक्रिया को 5 स्पष्ट और व्यावहारिक चरणों में समझेंगे, ताकि आप बिना किसी भ्रम के प्रत्येक स्टेप को आत्मविश्वास के साथ पूरा कर सकें।
Read Also:
- BSMS Course 2025: Admission, Syllabus, Fees, Cutoff, Colleges और Career
- BNYS Course 2025: Admission, Syllabus, Fees, Cutoff, Colleges और Career
- BUMS Course 2025: Admission, Syllabus, Fees, Cutoff, Colleges और Career
- BHMS Course 2025: Admission, Syllabus, Fees, Cutoff, Colleges और Career
- AACCC AYUSH UG Counselling 2025 Choice Filling रणनीति: BAMS BHMS BUMS BSMS के लिए
- BAMS Course 2025: Admission, Syllabus, Fees, Cutoff, Colleges और Career – Counsellor की नज़र से
- AACCC AYUSH UG Counselling 2025–26 Schedule जारी | Round-wise Dates & Process
नीचे दिए गए flowchart में आपको पूरी counselling प्रक्रिया का एक संक्षिप्त दृश्य मिलेगा:
[Visual Flowchart: Registration → Choice Filling → Result → Document Upload → Admission Confirmation]AYUSH Counselling 2025 Registration कैसे करें?
NEET 2025 के रिजल्ट के बाद दो स्तरों पर AYUSH counselling प्रक्रिया शुरू होती है:
(a) All India Quota (AIQ) Counselling – AACCC द्वारा संचालित:
AYUSH Admission Central Counselling Committee (AACCC) अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर online registration प्रक्रिया शुरू करती है। यह प्रक्रिया मुख्यतः BAMS, BHMS, BUMS, BSMS, और BNYS courses में AIQ seats के लिए होती है, जो सभी राज्यों के students के लिए open होती हैं।
रजिस्ट्रेशन के लिए छात्र को:
- अपनी NEET details दर्ज करनी होती हैं
- category, domicile और personal information भरनी होती है
- documents जैसे NEET scorecard, photo, signature आदि upload करने होते हैं
- रजिस्ट्रेशन फीस और सिक्योरिटी डिपॉजिट का भुगतान ऑनलाइन करना होता है
AACCC counselling में कुल 4 राउंड होते हैं:
- Round 1
- Round 2
- Mop-Up Round
- Stray Vacancy Round
इन राउंड्स में हिस्सा लेने के लिए समय पर registration और documents का submission अनिवार्य होता है।
(b) State Quota Counselling – राज्य सरकारों द्वारा आयोजित:
हर राज्य अपनी counselling प्रक्रिया अलग से आयोजित करता है जैसे कि UP AYUSH UG Counselling, MP AYUSH Counselling, Bihar, Rajasthan, आदि। इसमें 85% seats reserved होती हैं state domicile candidates के लिए।
State counselling के लिए:
- संबंधित राज्य की counselling वेबसाइट पर जाकर registration करना होता है
- domicile certificate अपलोड करना आवश्यक होता है (राज्य-विशिष्ट नियमों के अनुसार)
- कुछ राज्यों में physical document verification भी होता है
- राज्य स्तर पर भी multiple rounds और stray vacancy round होते हैं
Registration से पहले यह ध्यान रखें:
- हर counselling का अपना schedule और eligibility criteria होता है
- एक बार registration करने के बाद ही आप choice filling, allotment, और reporting के अगले steps में भाग ले सकते हैं
- Mobile number और email ID को OTP से verify करना पड़ता है, इसलिए वही details भरें जो आपके पास उपलब्ध हों
छोटी-छोटी गलतियां students को admission process से बाहर कर सकती हैं। इसलिए, दोनों स्तरों की counselling को समझें और समय पर register करें।
NEET में qualify करना ही पर्याप्त नहीं है, सही समय पर सही कदम उठाना सबसे ज़रूरी है। Registration step को हल्के में न लें क्योंकि यही आपकी counselling journey की नींव है।
Choice Filling और Locking: कॉलेज और कोर्स का चयन
Registration के बाद अगला चरण होता है choice filling, जिसमें छात्र अपनी पसंद के colleges और AYUSH courses (जैसे BAMS, BHMS आदि) की प्राथमिकता तय करते हैं।
यहां कुछ tips:
- सरकारी colleges को ऊपर रखें (low fee और good facilities के कारण)
- पिछले साल की cutoffs देखकर यथार्थवादी विकल्प चुनें
- BHMS/BUMS को BAMS के बाद prioritize करें अगर marks कम हैं
- Locking से पहले हर विकल्प पर दोबारा सोचें क्योंकि यही final माना जाएगा
अब ज़रा सोचिए, एक student ने केवल 3 colleges भरे, और उनमें से कोई भी allot नहीं हुआ। वहीं दूसरा student 30 विकल्प भरता है और उसे बेहतर विकल्प मिल जाता है। समझदारी यहीं काम आती है।
Seat Allotment Result और Seat Acceptance Process
Choice locking के बाद AACCC द्वारा All India Quota (AIQ) seats के लिए seat allotment result घोषित किया जाता है, जिसमें यह स्पष्ट होता है कि किस छात्र को कौन-सी seat आवंटित हुई है। allotment के बाद छात्र को सबसे पहले अपना seat acceptance letter डाउनलोड करना होता है, संबंधित फीस जमा करनी होती है, और provisional allotment letter प्राप्त करना होता है। यह प्रक्रिया पूरे देश के लिए होती है, और AIQ के अंतर्गत किसी भी राज्य के छात्र किसी भी अन्य राज्य की 15 % AIQ seats पर admission पा सकते हैं।
State Quota counselling में भी यही प्रक्रिया अपनाई जाती है, लेकिन इसमें राज्य की कुल सीटों में से 85% seats केवल उसी राज्य के domicile students के लिए आरक्षित होती हैं। हर राज्य अपने नियमों के अनुसार इन सीटों का allotment करता है। allotment के बाद छात्रों को संबंधित राज्य की आधिकारिक counselling वेबसाइट से allotment letter डाउनलोड करना होता है।
AIQ और State दोनों ही स्तरों पर allotment स्वीकार करने के पश्चात document verification एक अनिवार्य चरण होता है। verification के बाद छात्र को यह निर्णय लेना होता है कि वह allot हुई seat को freeze करेगा, अगले round के लिए upgrade विकल्प चुनेगा या counselling प्रक्रिया से withdraw करेगा। यदि निर्धारित समयसीमा के भीतर कोई action नहीं लिया गया, तो allotment स्वतः रद्द माना जा सकता है।
Document Upload और Verification
Seat allotment के बाद छात्रों को online या physical mode में अपने documents upload/verify कराने होते हैं। यह step admission confirmation के लिए बहुत जरूरी होता है।
जरूरी documents में शामिल होते हैं (AIQ और State Counselling दोनों के लिए आवश्यक):
- Domicile certificate (State Quota के लिए अनिवार्य)
- Income certificate (कुछ राज्यों में fee waiver के लिए आवश्यक)
- Character certificate (school/college से प्राप्त)
- Transfer certificate (12वीं के बाद जारी)
- Gap affidavit (यदि applicable हो)
साथ ही:
- NEET 2025 scorecard और admit card
- 10वीं और 12वीं की marksheet
- category certificate (अगर लागू हो)
- identity proof (Aadhar card, PAN card आदि)
- passport size photographs
- Allotment letter
Verification से पहले हर document को दोबारा cross-check करें। दस्तावेज़ों की त्रुटि admission को प्रभावित कर सकती है, इसलिए सुनिश्चित करें कि सभी प्रमाणपत्र सही और अपडेटेड हों।
Reporting at the Allotted Institute
Counselling प्रक्रिया के अंतिम चरण में, छात्रों को अपने allotted institute में नियत समय सीमा के भीतर physically या online report करना होता है। इस चरण में छात्र को अपने original documents प्रस्तुत करने होते हैं, admission form भरना होता है, और संबंधित institute की निर्धारित फीस जमा करनी होती है। सभी दस्तावेज़ों की जांच के पश्चात institute द्वारा final admission confirmation letter प्रदान किया जाता है।
कुछ संस्थान reporting के लिए physical उपस्थिति अनिवार्य करते हैं, जबकि कुछ आधुनिक प्रक्रिया अपनाते हुए online verification और admission confirmation की सुविधा भी देते हैं। हर स्थिति में, reporting की अंतिम तिथि का विशेष ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक होता है क्योंकि समय पर उपस्थित न होने की स्थिति में allotment स्वतः रद्द किया जा सकता है। यह चरण ही आपके प्रवेश को औपचारिक रूप से मान्यता देता है।
Mop-Up और Stray Vacancy Rounds
AYUSH Counselling 2025 में यदि कोई छात्र पहले तीन rounds (Round 1, Round 2, और Mop-Up Round) में किसी कारणवश admission प्राप्त नहीं कर पाता, तो उसके लिए अंतिम मौका होता है Stray Vacancy Round. AACCC की आधिकारिक counselling प्रक्रिया में चार चरण होते हैं, जिनमें अंतिम दो—Mop-Up और Stray Vacancy—विशेष रूप से खाली बची हुई सीटों को भरने के लिए आयोजित किए जाते हैं।
Mop-Up Round:
- इस राउंड में वे छात्र भाग ले सकते हैं जिन्होंने Round 1 या Round 2 में admission नहीं लिया हो या जिनकी seat upgrade नहीं हुई हो।
- Fresh registration की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन नए सिरे से choice filling करनी होती है।
- इस round में जो seats खाली बचती हैं, वे केवल इसी राउंड के लिए निर्धारित होती हैं।
- Allotment प्रक्रिया पूरी तरह से centralized होती है और allotment result AACCC की वेबसाइट पर घोषित किया जाता है।
Stray Vacancy Round:
- इसमें केवल वे छात्र ही पात्र होते हैं जिन्होंने किसी भी राउंड में registration किया हो और जिनका admission अब तक confirm नहीं हुआ हो।
- इस राउंड में fresh registration और choice filling की अनुमति नहीं होती।
- Allotment प्रक्रिया AACCC या संबंधित राज्य counselling प्राधिकरण द्वारा संचालित की जाती है, लेकिन allotment के बाद उम्मीदवारों को institute level पर report करना होता है।
- यह round अंतिम अवसर होता है admission प्राप्त करने का, और इसमें allotment strictly merit के आधार पर किया जाता है।
State AYUSH Counselling प्रक्रिया
All India Quota counselling के अतिरिक्त प्रत्येक राज्य अपनी स्वयं की AYUSH counselling प्रक्रिया आयोजित करता है। यह प्रक्रिया 85% राज्य कोटे की सीटों के लिए होती है और केवल राज्य के पात्र domicile students को ही इन सीटों पर आवेदन करने की अनुमति होती है। कुछ प्रमुख राज्य counselling हैं: UP AYUSH UG Counselling (dgme.up.gov.in), MP AYUSH Counselling (ayush.mponline.gov.in), Rajasthan AYUSH (rajugpgayushcounselling.in), Bihar UGMAC (bceceboard.bihar.gov.in) और Maharashtra AACCC State Quota AYUSH (cetcell.net.in)।
राज्य स्तरीय counselling में भाग लेने के लिए:
- उम्मीदवार को संबंधित राज्य की आधिकारिक counselling वेबसाइट पर जाकर online registration करना होता है।
- Domicile certificate अनिवार्य होता है।
- कुछ राज्यों में 10वीं व 12वीं की पढ़ाई उसी राज्य से होना भी पात्रता का हिस्सा होता है।
- कई राज्यों में EWS, OBC, Minority या PH category प्रमाण पत्र मांगे जाते हैं।
प्रक्रिया में शामिल चरण:
- Online registration और document upload
- State-specific application fee का भुगतान
- Choice filling और locking
- State authority द्वारा allotment result की घोषणा
- Document verification और institute level reporting
राज्य counselling में भी कई राउंड होते हैं:
- Round 1
- Round 2
- Mop-Up Round
- Stray Vacancy Round
कुछ राज्यों में stray round में offline या institute level reporting की व्यवस्था होती है। हालांकि allotment सूची राज्य counselling portal पर ही प्रकाशित होती है।
यदि कोई छात्र केवल AACCC counselling करता है और अपनी राज्य counselling को ignore करता है, तो वह राज्य कोटे की 85% सीटों से चूक सकता है। इसलिए दोनों counselling स्तरों में समान रूप से भाग लेना आवश्यक होता है।
All India Quota counselling के अलावा हर राज्य अपनी counselling भी आयोजित करता है। उदाहरण के लिए: UP AYUSH UG counselling, MP AYUSH counselling आदि।
इनमें हिस्सा लेने के लिए:
- राज्य counselling portal पर registration करें
- domicile certificate ज़रूरी हो सकता है
- state quota की cutoff अलग होती है
कुछ राज्यों में physical document verification भी होता है और कुछ में centralized allotment system होता है।
NRI Quota और Private Colleges की Counselling
AYUSH Counselling 2025 में NRI Quota और Private Colleges के Management Quota के लिए अलग प्रक्रिया निर्धारित होती है, जो AACCC (All India Quota) और विभिन्न राज्य counselling के अंतर्गत ही संचालित होती है। यह प्रक्रिया institute level पर नहीं होती, बल्कि आधिकारिक counselling पोर्टल पर centralized प्रणाली से नियंत्रित की जाती है।
NRI Quota के लिए आवश्यक बातें:
- उम्मीदवार का NRI होना या NRI sponsor (parents/guardian) से संबंधित होना अनिवार्य होता है।
- NRI प्रमाण पत्र, sponsor declaration, पासपोर्ट की कॉपी और relationship affidavit जैसे दस्तावेज़ अनिवार्य होते हैं।
- कुछ राज्यों में NRI quota के लिए अलग से application करना होता है।
- NRI quota की फीस General category से कई गुना अधिक होती है और इसे USD या INR में pay करना होता है।
Private Colleges की Counselling प्रक्रिया:
- सभी Private AYUSH Colleges की सीटें Centralised Counselling के माध्यम से ही allot की जाती हैं—चाहे वह NRI हो या Management quota।
- छात्रों को इन colleges को preference list में शामिल करना होता है और सीट allotment उसी के आधार पर किया जाता है।
- कुछ राज्य (जैसे UP, MP, Maharashtra) निजी कॉलेजों की counselling भी state authority के माध्यम से कराते हैं।
Important Note:
किसी भी मान्यता प्राप्त AYUSH कॉलेज में direct admission केवल उसी स्थिति में संभव होता है जब वह seat stray vacancy round के बाद भी खाली रह जाए और राज्य प्राधिकरण द्वारा इसकी अनुमति दी जाए।
इसलिए NRI और Private College admissions के लिए भी पूरी counselling प्रक्रिया को समझना और step-by-step भाग लेना अत्यंत आवश्यक होता है।
Private AYUSH colleges में NRI quota और management quota seats होती हैं। इनकी counselling अलग होती है और अक्सर institute level पर होती है।
जरूरी बातें:
- NRI certificate/affidavit की ज़रूरत होती है
- Fee structure अलग (कई गुना अधिक) हो सकता है
- Direct admission की संभावना होती है, लेकिन documents पूरे होने चाहिए
Common Mistakes जो छात्र करते हैं
AYUSH Counselling 2025 की प्रक्रिया में छोटे-छोटे तकनीकी या निर्णय संबंधी भ्रम छात्रों को उनकी मेहनत के बावजूद seat allotment से वंचित कर सकते हैं। हर वर्ष कई छात्र ऐसे होते हैं जो केवल एक minor गलती या deadline miss करने के कारण counselling प्रक्रिया से बाहर हो जाते हैं। यह जरूरी है कि छात्र प्रत्येक चरण को गंभीरता से लें और किसी भी निर्देश या तिथि को हल्के में न लें।
सबसे सामान्य गलतियां जो छात्र करते हैं:
- Documents में त्रुटि: गलत या अधूरे documents upload करना, जैसे category certificate या domicile certificate की वैधता न होना।
- Choice Filling की लापरवाही: बहुत कम colleges का चयन करना या गलत preference order देना।
- Fee Payment Miss करना: counselling fees या security deposit जमा न करना या समय सीमा से चूक जाना।
- Reporting में देरी: allotted institute में समय पर reporting न करना या documents की original कॉपी साथ न लाना।
- Participation छोड़ देना: किसी round में भाग न लेना या auto-withdrawal की शर्तों को न समझना।
हर छात्र को चाहिए कि वह counselling schedule, eligibility, और documentation पर विशेष ध्यान दे। एक छोटी चूक भी एक साल का नुकसान कर सकती है। इसलिए, जागरूक रहना और विशेषज्ञ की सलाह लेना अत्यंत जरूरी होता है।
- गलत documents upload करना
- choice filling में कम विकल्प भरना
- counselling fees pay न करना
- reporting में देरी करना
- किसी round में participate न करके बाहर हो जाना
मैंने अपने अनुभव में कई ऐसे छात्र देखे हैं जिन्होंने सिर्फ एक technical issue या deadline miss करने जैसी छोटी गलती के कारण पूरे साल की मेहनत को खो दिया। ऐसे उदाहरण यह स्पष्ट करते हैं कि counselling प्रक्रिया में हर छोटे-बड़े कदम को गंभीरता से लेना आवश्यक है। इसलिए, हर छात्र और अभिभावक को पूरी सतर्कता और सही मार्गदर्शन के साथ इस प्रक्रिया में भाग लेना चाहिए।
AYUSH Courses का Scope और Future Opportunities
आज के समय में AYUSH courses न केवल भारत में, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी एक मजबूत पहचान बना चुके हैं। इन कोर्सों के अंतर्गत BAMS, BHMS, BUMS, BSMS और BNYS जैसे पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में गहन अध्ययन किया जाता है, जो अब आधुनिक टेक्नोलॉजी, डिजिटल हेल्थ और इंटीग्रेटिव मेडिसिन के साथ मिलकर नया भविष्य गढ़ रहे हैं। WHO द्वारा भारत में Global Centre for Traditional Medicine की स्थापना, NEP 2020 में AYUSH को बढ़ावा, और मेडिकल टूरिज्म की बढ़ती मांग ने इस क्षेत्र के अवसरों को और भी सुदृढ़ किया है।
AYUSH Courses के बाद संभावित Career Options:
- सरकारी और निजी अस्पताल: BAMS/BHMS/BUMS डॉक्टर के रूप में सरकारी dispensary, PHC, CHC, और private clinics में कार्य।
- Higher Education: MD/MS in AYUSH branches, जैसे Kayachikitsa, Panchakarma, Materia Medica, Surgery, Shalya/Shalakya आदि।
- शोध और शिक्षा: ITRA, CCRAS, CCRH जैसे संस्थानों में Research Associate, Ph.D. Fellow, Teaching Faculty बन सकते हैं।
- Entrepreneurship: खुद का क्लिनिक, पंचकर्म सेंटर, आयुर्वेदिक दवा निर्माण यूनिट या वैलनेस ब्रांड शुरू करने की संभावना।
- Medical Tourism: विदेशी नागरिकों के बीच Panchakarma, Detox और Yoga आधारित उपचारों की लोकप्रियता से Global Practice का अवसर।
- E-Consultation और Telemedicine: डिजिटल स्वास्थ्य मिशन और आयुष्मान भारत जैसी सरकारी योजनाएं Teleconsultation आधारित सेवा को बढ़ावा दे रही हैं।
- वेलनेस और लाइफस्टाइल इंडस्ट्री: Wellness centres, yoga institutes, naturopathy resorts और health retreats में आयुष विशेषज्ञों की मांग बढ़ रही है।
- International Licensure Exams: कुछ देशों में BHMS/BAMS आधारित practice की अनुमति होती है, आवश्यक bridging course या licensure exam के साथ।
यदि छात्र इन कोर्सों को केवल विकल्प के रूप में नहीं बल्कि एक long-term career opportunity मानकर आगे बढ़ते हैं, तो वे एक सुरक्षित, सम्मानजनक और समृद्ध भविष्य सुनिश्चित कर सकते हैं।
आज के समय में AYUSH courses सिर्फ भारत में ही नहीं, विदेशों में भी पहचान बना रहे हैं। WHO का Global Centre for Traditional Medicine भारत में खुलना, integrative medicine का बढ़ता चलन, और सरकार की सक्रिय भागीदारी इस क्षेत्र को मजबूती दे रही है।
अगर आप भी AYUSH admission को लेकर उलझन में हैं…
तो चिंता की कोई बात नहीं है। कई छात्र और अभिभावक इस जटिल प्रक्रिया को लेकर असमंजस में रहते हैं—कौन-सी counselling करें, कौन-से documents जरूरी हैं, और कौन-सा college सही रहेगा। अगर आप भी ऐसी किसी दुविधा का सामना कर रहे हैं, तो आपके लिए यह जानना राहत भरा होगा कि GLN Admission Advice Pvt. Ltd. पिछले 16 वर्षों से छात्रों को सही दिशा दिखा रहा है।
हमने 3000 से अधिक छात्रों को top सरकारी और निजी संस्थानों में सफलता दिलाई है—बिना किसी donation या फालतू खर्च के। हमारा उद्देश्य केवल एक है: हर deserving छात्र को उसकी योग्यता के अनुसार सही college में प्रवेश दिलाना। चाहे आपको NEET rank कम हो, category को लेकर भ्रम हो या cut-off को लेकर संशय हो—हम आपके हर सवाल का समाधान व्यक्तिगत रूप से करते हैं।
आप हमारी Free Personalised Counselling सेवा का लाभ Monday से Saturday (11AM–6PM) के बीच ले सकते हैं। अपने समय के अनुसार appointment बुक करें: https://admissionadvicein.zohobookings.in/#/AYUSH
या सीधे बात करें: 9289495501
FAQs (बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्न)
1. AYUSH Counselling 2025 में कौन-कौन से courses शामिल हैं?
BAMS, BHMS, BUMS, BSMS और BNYS जैसे undergraduate AYUSH programs शामिल हैं।
2. क्या NEET 2025 qualify करना जरूरी है?
हाँ, AYUSH counselling में भाग लेने के लिए NEET qualify करना अनिवार्य है।
3. AYUSH counselling में कितने rounds होते हैं?
All India counselling में मुख्यतः 3 rounds होते हैं: Round 1, Round 2 और Mop-Up. फिर stray vacancy round होता है।
4. क्या मैं एक साथ All India और State counselling दोनों में भाग ले सकता हूं?
हाँ, आप दोनों counselling प्रक्रियाओं में भाग ले सकते हैं।
5. NRI quota के लिए कौन eligible होता है?
विदेश में रहने वाले भारतीय या उनके बच्चे जिनके पास NRI प्रमाण पत्र है, eligible होते हैं।
6. अगर मुझे allotted seat पसंद नहीं आई तो क्या कर सकता हूं?
आप उसे reject कर सकते हैं और अगले round में participate कर सकते हैं। लेकिन withdrawal और forfeiture की policy ध्यान से पढ़ें।
7. क्या counselling fees refundable होती है?
Security deposit कुछ स्थितियों में refundable होती है, लेकिन counselling registration fees refundable नहीं होती।
8. क्या private college में counselling के बिना admission मिल सकता है?
कुछ colleges में management quota से direct admission होता है, लेकिन ऐसे admission को भी documents और eligibility fulfill करना ज़रूरी होता है।
