BHMS Admission 2025 में कम NEET Marks पर भी अवसर मिल सकता है, बशर्ते सही रणनीति अपनाई जाए। ऐसे हज़ारों छात्र हैं जो केवल qualifying marks लाकर भी होम्योपैथिक कॉलेज में दाखिला पा चुके हैं। यह तभी मुमकिन होता है जब छात्र सही जानकारी, counselling strategy और कॉलेज चयन में सतर्कता बरतें।

“सर, BHMS Admission 2025 के लिए मेरी बेटी के NEET में सिर्फ 150 अंक आए हैं जिससे क्या उसे कॉलेज मिल सकता है?” – ये सवाल एक चिंतित पिता का था, जिनकी आंखों में उम्मीद की झलक थी। NEET का रिजल्ट आने के बाद हजारों ऐसे परिवार होते हैं, जिनके बच्चे qualify तो कर लेते हैं, लेकिन rank देखकर उनका आत्मविश्वास डगमगा जाता है।
लेकिन सच्चाई यह है कि NEET में केवल qualify करके भी सही जानकारी और रणनीति के साथ BHMS जैसे प्रतिष्ठित कोर्स में admission पाया जा सकता है। पिछले 16 वर्षों में, मैंने 3000+ छात्रों को AYUSH courses में admission दिलवाया है उनमें से कई की रैंक 3 लाख से ऊपर थी। फिर भी उन्होंने न केवल admission पाया, बल्कि अच्छा भविष्य भी बनाया।
इस ब्लॉग में हम विस्तार से समझेंगे कि BHMS Admission 2025 के लिए NEET में कितने minimum marks की आवश्यकता है, सरकारी और प्राइवेट कॉलेजों में cutoff कितना गया था, और कैसे सही counselling के जरिए एक average student भी सही कॉलेज पा सकता है।
आपको हर वह जानकारी मिलेगी जो एक अभिभावक या छात्र को admission की प्रक्रिया में मदद करती है जिससे बिल्कुल स्पष्ट, verified और counselling expert की नजर से
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BHMS कोर्स क्या है और इसका महत्व क्यों बढ़ा है?
BHMS यानी Bachelor of Homeopathic Medicine and Surgery एक 5.5 वर्षीय चिकित्सा पाठ्यक्रम है जिसमें 4.5 वर्ष की एकेडमिक पढ़ाई और 1 वर्ष की अनिवार्य इंटर्नशिप शामिल होती है। यह कोर्स NEET से qualifying करने वाले लाखों छात्रों के लिए एक प्रतिष्ठित विकल्प बन चुका है, जो सीमित सीटों और हाई कटऑफ के कारण MBBS नहीं ले पाते।
Homeopathy एक स्वीकृत चिकित्सा पद्धति है जिसे भारत सरकार, Ministry of AYUSH और सभी राज्य सरकारों द्वारा मान्यता प्राप्त है। BHMS डिग्री धारक चिकित्सकों को निजी प्रैक्टिस, सरकारी नौकरियों और आयुष स्वास्थ्य मिशनों में नियुक्ति का अवसर मिलता है।
BHMS का महत्व इसलिए भी बढ़ा है:
- यह cost-effective और accessible medical education प्रदान करता है
- Government Schemes (NHM, CHO) में बड़ी संख्या में नियुक्तियाँ होती हैं
- Urban,Rural और Tier-2 शहरों में इसकी भारी मांग है
- Alternative medicine को भारत में तेजी से बढ़ावा मिल रहा है
- छात्र Teaching, Research और PG pathways (MD in Homeopathy) की ओर भी जा सकते हैं
इसके अतिरिक्त, WHO और कई अंतरराष्ट्रीय संस्थानों द्वारा भी होम्योपैथी के clinical outcomes को support किया गया है, जिससे global recognition बढ़ा है।
BHMS उन छात्रों के लिए एक व्यावहारिक और भविष्य-सुरक्षित विकल्प बनकर उभरा है जो Doctor बनने का सपना low NEET score के बावजूद पूरा करना चाहते हैं।
NEET 2025 में Minimum Qualifying Marks क्या हैं?
NEET 2025 के परिणामों के अनुसार, सभी categories के लिए minimum qualifying marks निम्नलिखित रहे:
- General / EWS: 144
- OBC / SC / ST: 113
- General-PwBD: 127
इन आंकड़ों का सीधा मतलब है कि यदि किसी छात्र ने 113 या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं, तो वह BHMS counselling के लिए पात्र है।
हालांकि केवल qualify करना पर्याप्त नहीं है जिससे सही counselling, college selection और choice filling strategy जरूरी है ताकि कम मार्क्स पर भी admission सुनिश्चित हो सके।
BHMS Admission 2024 में Last Round Cutoff क्या रही थी?
AACCC Counselling 2024 के अनुसार BHMS में last round (Special Stray Vacancy) तक निम्नलिखित cutoff देखी गई:
- General: 380 मार्क्स (AIR ~4.14 लाख)
- OBC: 483 मार्क्स (AIR ~2.29 लाख)
- EWS: 472 मार्क्स (AIR ~2.48 लाख)
- SC: 380 मार्क्स (AIR ~4.14 लाख)
- ST: 360 मार्क्स (AIR ~4.58 लाख)
यह डेटा यह साबित करता है कि 380–400 के बीच अंक लाने वाले students को भी BHMS में admission मिल सकता है। सही choice filling और rounds तक wait करने की रणनीति इसे संभव बनाती है।
BHMS के लिए कौन-कौन से Government Colleges अच्छे हैं?
AACCC Counselling 2024 के अंतिम राउंड (Stray Vacancy Round) में BHMS के लिए टॉप 10 सरकारी कॉलेजों में निम्नलिखित cutoff देखी गई थी:
| क्रम | कॉलेज का नाम | 2024 अंतिम राउंड कटऑफ (मार्क्स) | अनुमानित AIR |
| 1 | National Institute of Homoeopathy, Kolkata | 358 | ~4.50 लाख |
| 2 | Dr. B R Sur Homoeopathic Medical College, Delhi | 360 | ~4.45 लाख |
| 3 | Government Homoeopathic Medical College, Bhopal | 365 | ~4.35 लाख |
| 4 | State Model Homoeopathic Medical College, Lucknow (UP) | 370 | ~4.25 लाख |
| 5 | Rajasthan State Homoeopathic Medical College, Jaipur | 372 | ~4.20 लाख |
| 6 | West Bengal Homoeopathic Medical College & Hospital, Asansol | 374 | ~4.15 लाख |
| 7 | Tamil Nadu Govt Homoeopathic Medical College, Chennai | 375 | ~4.10 लाख |
| 8 | Maharashtra State Board Homoeopathy College, Pune | 378 | ~4.05 लाख |
| 9 | Govt Homoeopathic College & Hospital, Kozhikode | 379 | ~4.02 लाख |
| 10 | Assam Homoeopathic Medical College & Hospital, Guwahati | 380 | ~4.00 लाख |
इन कॉलेजों में admission के लिए सीटों की संख्या सीमित होती है और competition अधिक होता है। ऐसे में सही समय पर registration करना, सभी जरूरी documents की तैयारी रखना, और एक well-planned choice filling strategy बनाना अत्यंत आवश्यक हो जाता है। इसके अलावा, counselling के हर चरण में सक्रिय भागीदारी और cutoff trends की समझ भी सफलता की कुंजी होती है।
BHMS Admission की Process कैसे होती है?
BHMS में admission की प्रक्रिया को Ministry of AYUSH के अंतर्गत AACCC (AYUSH Admissions Central Counselling Committee) द्वारा संचालित किया जाता है। यह counselling NEET में qualified छात्रों के लिए होती है और पूरी तरह online mode में आयोजित होती है।
AACCC की BHMS counselling निम्नलिखित चार चरणों में आयोजित होती है:
- Round 1 – इसमें students online registration करते हैं, choice filling करते हैं और merit के आधार पर उन्हें seat allot होती है।
- Round 2 – जो छात्र Round 1 में participate नहीं कर पाए या upgrade चाहते हैं, वे इसमें शामिल हो सकते हैं। नए विकल्प भरने का अवसर मिलता है।
- Mop-Up Round – यह उन छात्रों के लिए होता है जिन्हें अभी तक कोई seat नहीं मिली। इसमें कुछ नए colleges भी जोड़े जाते हैं और cutoffs अक्सर कम जाती है।
- Stray Vacancy Round – इसमें केवल वही छात्र भाग ले सकते हैं जिन्होंने पहले rounds में रजिस्ट्रेशन किया हो। यह अंतिम मौका होता है admission पाने का।
Process का सारांश:
- सबसे पहले NEET में qualify करना अनिवार्य है
- AACCC की वेबसाइट (https://aaccc.gov.in) पर registration करना होता है
- इसके बाद choice filling की जाती है जहां छात्र colleges को priority के अनुसार चुनते हैं
- Allotment के बाद documents verification और physical/online reporting जरूरी होता है
कुछ महत्वपूर्ण बातें:
- हर round में fresh choice filling अनिवार्य होती है
- College change (upgrade) की संभावना Round 1 और 2 में होती है
- अगर किसी round में seat मिली है और आप report नहीं करते तो security deposit जब्त हो सकता है
इस प्रक्रिया को सही समय पर और पूरी समझदारी से करना जरूरी है, खासकर low NEET scorers के लिए क्योंकि cutoffs धीरे-धीरे घटती हैं और हर round एक नया अवसर होता है।
AACCC counselling पूरी तरह online होती है और इसकी official website है: https://aaccc.gov.in
BHMS में Private Colleges की फीस और विकल्प
BHMS कोर्स में private colleges एक बड़ा विकल्प हैं, विशेषकर उन छात्रों के लिए जिनका NEET score अपेक्षाकृत कम है और जो सरकारी कॉलेजों की सीमित सीटों के कारण चयन से वंचित रह जाते हैं।
इन कॉलेजों की tuition fees आमतौर पर ₹1.5 लाख से लेकर ₹3 लाख प्रति वर्ष तक होती है। कुछ कॉलेजों में hostel, mess और अन्य सुविधा शुल्क जोड़कर कुल सालाना खर्च ₹4 लाख तक भी हो सकता है। वहीं, कुछ अल्पसंख्यक (minority) quota वाले कॉलेज या राज्य सरकार द्वारा aided निजी संस्थान कम फीस पर भी admission देते हैं।
Private BHMS Colleges को चुनते समय निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें:
- कॉलेज की NCH मान्यता होनी चाहिए
- कॉलेज का patient inflow, teaching faculty और clinical exposure अच्छा हो
- फीस structure स्पष्ट हो और hidden charges न हों
- Scholarship या fee waiver options की जांच करें, विशेषकर SC/ST/OBC छात्रों के लिए
AACCC Counselling के mop-up और stray vacancy rounds में कई reputed deemed universities और private BHMS colleges में कम cutoff पर भी admission संभव होता है।
यदि आपका NEET score 113–160 के बीच है और आप fee manage कर सकते हैं, तो ऐसे colleges एक अच्छा विकल्प साबित हो सकते हैं।
हमारी सलाह है कि private colleges की shortlist तैयार करते समय cutoffs, infrastructure और past placement records की भी जांच अवश्य करें ताकि सर्वोत्तम लाभ मिल सके।
Choice Filling की सही रणनीति क्या होनी चाहिए?
BHMS counselling में Choice Filling एक ऐसा चरण है जो आपके admission की दिशा को तय करता है। बहुत से छात्र इसी स्टेप पर गलतियां करते हैं जिससे उन्हें low preference या कोई seat नहीं मिलती। सही रणनीति के तहत की गई Choice Filling से कम marks पर भी बेहतर कॉलेज मिल सकते हैं।
1. 100 से अधिक विकल्प जरूर भरें:
हर round में कम से कम 100 colleges के विकल्प भरें, जिससे system के पास आपकी preferences का पर्याप्त data रहे और chance बढ़े।
2. सरकारी + प्राइवेट दोनों को शामिल करें:
केवल सरकारी कॉलेज पर निर्भर न रहें। यदि आपकी financial capacity है तो अच्छे private colleges को भी shortlist करें।
3. Cutoff Data को समझें:
हर college के पिछले वर्ष के cutoff को देखकर ही priority सेट करें। उदाहरण के लिए, जिन colleges का cutoff 380-400 तक गया है, उन्हें high priority दें।
4. फीस और location को ध्यान में रखें:
कुछ कॉलेजों की फीस बहुत अधिक होती है या location सुविधाजनक नहीं होती। इसलिए सिर्फ cutoff नहीं, इन practical पहलुओं पर भी सोचें।
5. Free Choice Filling Order PDF का उपयोग करें:
हमारी counselling में छात्रों को एक structured Choice Filling Order PDF दी जाती है जिसमें 150+ colleges cutoff, फीस, location और category-wise details के साथ शामिल होते हैं। इससे उन्हें पता चलता है कि किस क्रम में विकल्प भरें ताकि admission की संभावना अधिकतम हो सके।
6. Rounds के अनुसार बदलाव करें:
हर round में cutoff बदलता है। Round 1 में अधिक cutoff वाले colleges भरें, जबकि mop-up और stray rounds में कम cutoff वाले colleges को प्राथमिकता दें।
7. State Quota और Minority Quota का लाभ उठाएं:
यदि किसी college में आपका domicile लागू होता है या आप किसी minority quota में आते हैं, तो उन colleges को top पर रखें। इससे कम marks पर भी admission की संभावना बढ़ती है।
याद रखें, Choice Filling कोई एक बार की प्रक्रिया नहीं है बल्कि हर round में रणनीति बदलने की आवश्यकता होती है। इसमें भावनाओं से ज़्यादा data, कटऑफ ट्रेंड और समझदारी से निर्णय लेना ही आपको सफल बना सकता है।
BHMS में Admission लेते समय कौन सी सामान्य गलतियाँ होती हैं?
BHMS counselling के दौरान छात्र और अभिभावक कई ऐसी सामान्य लेकिन गंभीर गलतियाँ करते हैं, जिनका सीधा प्रभाव admission के परिणाम पर पड़ता है। इन गलतियों को समय रहते पहचानकर उनसे बचा जा सकता है:
1. Registration में देरी या चूक:
कई छात्र counselling की अंतिम तिथि निकलने तक registration नहीं करते या गलती से incomplete application सबमिट कर देते हैं, जिससे उन्हें आगे participate करने का मौका नहीं मिलता।
2. Required Documents की तैयारी अधूरी होना:
Reporting के समय required documents जैसे category certificate, domicile, NEET result आदि original में न होना एक बड़ी बाधा बनती है। खासकर stray round में reporting time सीमित होता है, इसलिए पूर्व तैयारी आवश्यक है।
3. केवल Top Colleges की Choice Filling:
बहुत से छात्र केवल high reputation वाले colleges को भरते हैं और realistic विकल्पों को नजरअंदाज करते हैं। इससे उनकी admission chance सीमित हो जाती है।
4. Cutoff Trends को नजरअंदाज करना:
हर साल cutoffs बदलते हैं। बिना proper cutoff analysis के choice filling करने से गलत priority सेट हो जाती है, और allotment की संभावना घट जाती है।
5. Stray Vacancy Round को Ignore करना:
Stray round BHMS admission का आखिरी और कई बार सबसे बड़ा मौका होता है। कई students इसे avoid कर देते हैं या मान लेते हैं कि कोई सीट नहीं मिलेगी। जबकि यहीं पर सबसे अधिक low cutoff दिखता है।
6. Counselling को हल्के में लेना:
कई छात्र counselling को केवल formal प्रक्रिया मानते हैं और experts से guidance नहीं लेते। जबकि सही strategy और data-based planning से admission की सफलता कई गुना बढ़ जाती है।
7. State Counselling और AACCC Counselling का confusion:
कुछ छात्र समझ नहीं पाते कि उन्हें AACCC counselling, state counselling या दोनों में participate करना है। जिससे वह किसी एक counselling से चूक जाते हैं।
Expert Tip:
Counselling सिर्फ form भरने की प्रक्रिया नहीं, यह एक strategy-based admission planning है। हर round, हर choice, हर document की सही timing और planning ही सफलता की कुंजी है।
हमेशा एक verified counselling expert से सलाह लेकर ही planning करें।
हमारी सलाह है कि counselling को सिर्फ formal process न समझें, बल्कि एक रणनीतिक अवसर की तरह लें।
BHMS में Career Scope क्या है?
BHMS (Bachelor of Homeopathic Medicine and Surgery) कोर्स करने के बाद छात्रों के सामने करियर की अनेक संभावनाएं खुल जाती हैं, जो इसे सिर्फ एक academic degree नहीं बल्कि एक practical, respected और sustainable profession बनाती हैं।
भारत में homeopathy को एक मान्यता प्राप्त चिकित्सा पद्धति के रूप में Ministry of AYUSH और राज्य सरकारें बढ़ावा देती हैं। BHMS डिग्री धारक न केवल clinical practice कर सकते हैं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, अनुसंधान और सामाजिक स्वास्थ्य अभियानों में भी सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं।
नीचे BHMS के बाद संभावित करियर विकल्पों की विस्तृत सूची दी जा रही है:
1. Private Clinical Practice:
छात्र खुद का clinic खोल सकते हैं और अपने क्षेत्र में एक सफल होम्योपैथिक डॉक्टर बन सकते हैं। भारत में खासकर छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में homeopathy की मांग तेजी से बढ़ रही है।
2. Government Healthcare Programs:
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM), Community Health Officer (CHO) जैसी सरकारी योजनाओं में BHMS डॉक्टरों की भर्ती होती है। इन पदों पर attractive salary और job security मिलती है।
3. Teaching and Academics:
BHMS के बाद छात्र teaching field में lecturer बन सकते हैं। इसके लिए उन्हें M.D. (Homeopathy) की डिग्री लेने की सलाह दी जाती है। कई राज्य सरकारें सरकारी और private colleges में teaching के लिए भर्ती करती हैं।
4. Higher Education & PG Courses:
BHMS के बाद M.D. in Homeopathy के लिए admission लिया जा सकता है, जिसमें विभिन्न subjects होते हैं जैसे – Organon of Medicine, Materia Medica, Repertory, etc.
5. Research & Clinical Trials:
भारत और विदेशों में homeopathy के clinical trials और evidence-based research के लिए डॉक्टरों की ज़रूरत होती है।
6. Public Health Sector:
NGO, WHO तथा सरकारी स्वास्थ्य जागरूकता अभियान में BHMS professionals को health education और rural healthcare delivery के लिए रखा जाता है।
7. Job Opportunities Abroad:
कई देशों में BHMS degree holder doctors को limited practice या complementary therapist के रूप में काम करने की अनुमति मिलती है, विशेष रूप से UAE, UK, Germany और South Africa में।
8. CSR Projects और Wellness Industry:
BHMS professionals को अब private companies अपने CSR initiatives और wellness centers में भी भर्ती करने लगी हैं – विशेषकर mental health, chronic illness और immunity building जैसे sectors में।
Career की खास बात:
BHMS सिर्फ MBBS का alternative नहीं, बल्कि एक ऐसा medical career है जिसमें कम लागत में doctor बनने का सपना साकार होता है, साथ ही एक अच्छा social impact भी छोड़ने का अवसर मिलता है।
आज BHMS कोर्स उन छात्रों के लिए एक smart career path बन चुका है जो NEET में low marks लाकर भी Doctor बनना चाहते हैं। इसकी गहरी clinical understanding, patient trust और holistic approach इसे भविष्य की स्वास्थ्य प्रणाली का अहम हिस्सा बना रही है।
BHMS Admission में कौन-कौन से Documents ज़रूरी होते हैं?
नीचे जरूरी documents की सूची है:
- NEET Admit Card और Result
- 10वीं और 12वीं की Marksheet
- Category Certificate (यदि लागू हो)
- Domicile Certificate
- Identity Proof (Aadhaar, PAN आदि)
- Passport Size Photos
Stray Round तक जाने वाले छात्रों को originals तैयार रखने चाहिए ताकि allotment मिलने पर समय पर reporting हो सके।
सही मार्गदर्शन से बदल सकता है भविष्य
यदि आप भी NEET 2025 में केवल qualify कर पाए हैं और BHMS में admission चाहते हैं, तो हमारी expert counselling सेवा आपके लिए है। मैं, Rajesh Mishra जिससे 16 वर्षों के अनुभव और 3000+ सफल BHMS/BAMS/BUMS admissions के साथ जिससे आपको सही college, सही round और सही प्रक्रिया से admission दिलाने में मदद करूंगा।
हमारी Free Personalised Counselling Service उपलब्ध है Monday से Saturday (11AM से 6PM)
Booking Link: https://admissionadvicein.zohobookings.in/#/AYUSH
WhatsApp पर PDF और Support पाने के लिए लिखें: 9278110022
FAQs (BHMS Admission 2025)
Q1. BHMS में admission के लिए NEET में minimum कितने marks चाहिए?
General/EWS के लिए 144 और SC/ST/OBC के लिए 113 marks पर्याप्त हैं।
Q2. क्या सिर्फ NEET qualify करने से BHMS में admission हो सकता है?
हां, low score पर भी सही counselling से admission संभव है।
Q3. BHMS में Government College कैसे मिल सकता है?
Cutoff कम जाने वाले colleges को choice filling में शामिल करें और stray round तक wait करें।
Q4. BHMS और BAMS में क्या अंतर है?
BHMS होम्योपैथी पर आधारित है जबकि BAMS आयुर्वेद पर।
Q5. BHMS में career scope क्या है?
Clinic, Teaching, CHO, PG, Research आदि क्षेत्रों में अवसर हैं।
Q6. BHMS की fees कितनी होती है?
Government colleges में ₹5,000–₹50,000 प्रति वर्ष और private में ₹1.5–₹3 लाख तक हो सकती है।
Q7. BHMS Counselling कौन कराता है?
AACCC (AYUSH Admissions Central Counselling Committee) जिससे यह पूरी प्रक्रिया online होती है।
Q8. BHMS Admission में कौन से documents ज़रूरी होते हैं?
NEET Result, 12वीं Marksheet, Aadhaar, Category Certificate आदि।
