NEET 2025 रिजल्ट के बाद AYUSH Counselling: टॉप 5 बातें जो आपको जाननी चाहिए

NEET 2025 रिजल्ट के बाद AYUSH counselling से जुड़ी टॉप 5 जरूरी बातें हर उस छात्र को जाननी चाहिए जो BAMS, BHMS, BUMS, BSMS, या BNYS जैसे आयुष कोर्स में प्रवेश लेने का सपना देख रहा है। खासकर जब रिजल्ट घोषित हो चुका हो और हर मिनट कीमती लगने लगे, तो सही जानकारी और रणनीति आपके लिए निर्णायक साबित हो सकती है। बहुत से छात्र NEET में अच्छा स्कोर लाने के बावजूद counselling की जटिलताओं और गलत फैसलों के कारण अपने लक्ष्य से चूक जाते हैं।

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NEET रिजल्ट आते ही छात्रों और अभिभावकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही होता है – अब आगे क्या करें? इसका उत्तर सीधा है: AYUSH counselling प्रक्रिया को समय रहते समझना और सही तैयारी करना। यह प्रक्रिया merit आधारित और structured होती है, लेकिन इसके अलग-अलग चरण — जैसे कि registration, documents verification, choice filling और allotment — कई छात्रों को भ्रमित कर सकते हैं। इस ब्लॉग का उद्देश्य यही है कि हम आपको उन 5 सबसे महत्वपूर्ण बातों की जानकारी दें, जिनसे आप counselling में सफल होकर अपने पसंदीदा course और college तक पहुंच सकते हैं।

चलिए अब उन सभी अहम पहलुओं को विस्तार से समझते हैं जो NEET 2025 के बाद AYUSH admission की राह को आसान बनाएंगे।

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NEET Qualify करना ही काफी नहीं — Counselling प्रक्रिया को समझें

NEET में qualify करना सिर्फ पहला चरण है। असली प्रतिस्पर्धा तो अब शुरू होती है, जब आपको देशभर की सीमित सीटों के लिए organised counselling प्रक्रिया में भाग लेना होता है।

AYUSH counselling दो स्तरों पर होती है:

  • AACCC द्वारा संचालित All India Quota (AIQ) counselling – इसमें सभी राज्यों के छात्र भाग ले सकते हैं।
  • State Counselling Authorities द्वारा आयोजित counselling – यह विशेष रूप से संबंधित राज्य के domicile छात्रों के लिए होती है।

AIQ के तहत सरकारी और कुछ Deemed Universities की 15% सीटों पर admission होता है। राज्य स्तरीय counselling शेष 85% सीटों को कवर करती है।

हर counselling body की अपनी official website और अलग schedule होता है, इसलिए NEET के बाद फौरन registration प्रक्रिया की जानकारी जुटाएं और जरूरी documents तैयार रखें।

Counselling का सही समय और चरण समझना जरूरी है

NEET रिजल्ट के कुछ सप्ताह बाद AACCC द्वारा All India Quota counselling शुरू होती है। इसमें मुख्यतः 4 चरण होते हैं:

  • Round 1
  • Round 2
  • Mop-Up Round
  • Stray Vacancy Round

हर राउंड में अलग-अलग समय पर registration, choice filling, seat allotment और reporting होती है। अगर आपने पहले round में registration कर लिया है तो वही mop-up तक मान्य रहता है। Stray vacancy round में हिस्सा लेने के लिए पहले registration होना अनिवार्य है।

कई राज्य counselling rounds में physical verification या reporting भी कराते हैं। इसलिए हर चरण को समय पर समझना और deadlines को follow करना अनिवार्य है।

सभी ज़रूरी Documents पहले से तैयार रखें

Counselling प्रक्रिया में सफलता के लिए documentation एक अहम पहलू है। बहुत सारे छात्र दस्तावेज़ तैयार न होने के कारण अच्छे विकल्प खो देते हैं।

नीचे दिए गए documents हमेशा तैयार रखें:

  • NEET 2025 Scorecard और Admit Card
  • 10वीं व 12वीं की Marksheet और Certificate
  • Transfer Certificate और Character Certificate
  • Category Certificate (SC/ST/OBC/EWS आदि)
  • PwD Certificate (यदि लागू हो)
  • Domicile Certificate (राज्य counselling के लिए)
  • Passport-size photographs
  • Valid Photo ID Proof (Aadhaar, PAN, Voter ID आदि)

सभी documents की self-attested copies और originals साथ रखें। कुछ राज्यों में online upload और verification की व्यवस्था होती है, जबकि कुछ में physical reporting अनिवार्य होती है।

Cutoff और पिछले वर्षों की Trends का अध्ययन करें

NEET में सफलता पाने के बाद यह जानना बेहद जरूरी है कि आपके स्कोर पर किस प्रकार के colleges और courses मिल सकते हैं। यही काम आता है पिछली वर्षों की cutoff trends का विश्लेषण। हर वर्ष NEET की cutoff में बदलाव देखने को मिलता है, जो counselling strategy को सीधे प्रभावित करता है।

2020 से 2024 तक सामान्य श्रेणी की cutoff रेंज इस प्रकार रही:

  • 2020: 720–147
  • 2021: 720–138
  • 2022: 715–117
  • 2023: 720–137
  • 2024: 720–162

इस cutoff डेटा से स्पष्ट है कि हर साल पात्रता की न्यूनतम सीमा बदलती रही है। 2024 में खासकर cutoff में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई, जिससे competition बढ़ा है। ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि छात्र केवल अनुमान पर न चलें, बल्कि past data के आधार पर अपनी संभावनाओं का मूल्यांकन करें।

GLN Admission Advice में हम पिछले वर्षों के trends और category-wise data के आधार पर आपकी real-time eligibility की सटीक भविष्यवाणी करते हैं। इससे आप अनुमान नहीं, बल्कि तथ्य आधारित choice filling कर पाते हैं और बेहतर कॉलेज तक पहुंच सकते हैं।

यहाँ आपके निर्देशों के अनुसार Section 6 से 10 तक के सभी हिस्से, FAQs, और CTA पैराग्राफ एक साथ पेश किए जा रहे हैं, जो आपके पिछले कंटेंट (Section 1–5) से सीधे जुड़ते हैं:

यह रहा Section 5 का नया संस्करण — “Documents की तैयारी और Verification प्रक्रिया” विषय पर, लगभग 250 शब्दों में, पूरी तरह से human-style, E-E-A-T aligned और eBook से fact-verified:

Documents की तैयारी और Verification प्रक्रिया

AYUSH Counselling 2025 में participate करने वाले हर छात्र के लिए documents की तैयारी एक decisive step है। counselling के किसी भी चरण में यदि आपके documents अधूरे या गलत पाए जाते हैं, तो आपकी seat रद्द की जा सकती है — भले ही आपने अच्छा rank प्राप्त किया हो।

जरूरी Documents की सूची:

  • NEET 2025 का Scorecard और Admit Card
  • 10वीं और 12वीं की Marksheet व Passing Certificate
  • Transfer Certificate (TC) और Migration Certificate
  • Domicile Certificate (राज्य कोटे के लिए)
  • Category Certificate (SC/ST/OBC/EWS के लिए, यदि लागू हो)
  • Income Certificate (OBC/EWS Reservation Verification हेतु)
  • Aadhar Card या अन्य Photo ID Proof
  • Passport size photographs (हाल ही की)
  • Character Certificate
  • PwD Certificate (यदि लागू हो)
  • NCC/Defence/Minority/Other Quota Relevant Certificates (यदि लागू हो)

Verification Process:

AACCC (ऑल इंडिया कोटा) के लिए document verification online प्रक्रिया के अंतर्गत होती है, जिसमें आपको सभी documents की PDF upload करनी होती है। वहीं State Counselling में कई बार physical verification की प्रक्रिया रखी जाती है, जहां documents की hard copy ले जानी होती है।

सुझाव: सभी documents के दो-दो set तैयार रखें — एक original और एक self-attested photocopy। इसके अलावा, एक folder में neatly व्यवस्थित कर counselling day पर साथ लेकर जाएं।

सही समय पर सही documents की उपलब्धता आपकी counselling प्रक्रिया को smooth बनाती है और admission की संभावना को सुनिश्चित करती है।

Deemed Universities और Private Colleges की फीस और प्रक्रिया को समझें

AYUSH Counselling 2025 में Deemed Universities और Private Colleges की फीस संरचना और प्रक्रिया को समझना बेहद ज़रूरी है क्योंकि ये सरकारी कॉलेजों से काफी भिन्न होते हैं।

Deemed Universities: ये संस्थान AACCC की All India Quota counselling के अंतर्गत आते हैं। इन संस्थानों में प्रवेश लेने के लिए ₹50,000 की security money जमा करनी होती है। 

प्रमुख Deemed Universities की अनुमानित फीस इस प्रकार है:

  • Bharati Vidyapeeth (Pune): ₹3,70,000 प्रति वर्ष (BAMS)
  • Dr. D.Y. Patil Vidyapeeth (Pune): ₹4,80,000 प्रति वर्ष (BAMS)
  • Datta Meghe Institute of Higher Education, Wardha: ₹3,40,000 प्रति वर्ष (BAMS)

इनमें अतिरिक्त शुल्क जैसे admission charges, hostel fees आदि भी होते हैं। प्रवेश केवल AACCC counselling के माध्यम से ही मान्य होता है।

Private Colleges: ये कॉलेज राज्य स्तरीय counselling में शामिल होते हैं। जैसे:

  • UP AYUSH counselling:
    • ₹10,000 (Govt. colleges)
    • ₹50,000 (Private colleges)
    • फीस: ₹1.5–₹3.5 लाख प्रति वर्ष तक

प्रत्येक राज्य के नियम भिन्न होते हैं। छात्रों को प्रत्येक कॉलेज की official वेबसाइट से updated fee structure, bond conditions और refund policy अवश्य देखनी चाहिए ताकि बाद में किसी प्रकार की समस्या न हो। GLN Admission Advice Pvt. Ltd. इन जटिलताओं को समझने और आपके लिए उपयुक्त विकल्प चुनने में मदद करता है।

AIQ और State Quota में अंतर जानें

बहुत से छात्र AIQ (All India Quota) और State Quota के बीच अंतर नहीं समझ पाते, जिससे counselling planning कमजोर हो जाती है।

AIQ (15%): इस कोटे में सभी राज्यों के छात्र भाग ले सकते हैं। यह सरकारी colleges और कुछ Deemed Universities के लिए लागू होता है और इसे AACCC आयोजित करता है।

State Quota (85%): इसमें केवल उस राज्य के domicile छात्र ही भाग ले सकते हैं, और यह counselling संबंधित राज्य की authority द्वारा संचालित होती है।

अगर आप किसी राज्य के निवासी हैं तो State Quota में कम cutoff पर भी अच्छा विकल्प मिल सकता है, जबकि AIQ में national level पर competition अधिक होता है। सही निर्णय के लिए दोनों की eligibility, fee structure और past cutoffs का तुलनात्मक अध्ययन करें।

Reservation Policies और Category Benefits का सही उपयोग करें

AYUSH counselling में reservation एक निर्णायक भूमिका निभाता है, लेकिन इसका लाभ तभी संभव है जब आप documents और प्रक्रिया को सही तरह से समझें।

AACCC और राज्य counselling दोनों में SC, ST, OBC-NCL, EWS, PwD, Minority जैसी reservation categories लागू होती हैं। इनका लाभ पाने के लिए आपके पास सही और वैध documents होने चाहिए:

  • OBC-NCL Certificate: 1 अप्रैल 2025 के बाद जारी होना चाहिए।
  • EWS Certificate: 1 अप्रैल 2025 के बाद का होना जरूरी है।
  • SC/ST Certificate: सरकार द्वारा अधिकृत प्राधिकारी से जारी होना चाहिए।

अगर आपके पास सही category certificate नहीं है तो आप general category के रूप में counselling में consider किए जाएंगे। इसलिए counselling शुरू होने से पहले सभी category-related documents तैयार करवा लेना बुद्धिमानी है।

Mop-Up और Stray Vacancy Round को हल्के में न लें

कई छात्र counselling के अंतिम चरणों को कम महत्व देते हैं, जबकि यही rounds कई बार admission का आखिरी और सबसे अच्छा अवसर होते हैं।

Mop-Up Round: इसमें वे छात्र भाग ले सकते हैं जिन्होंने पहले किसी round की seat join नहीं की या जिनकी seat cancel हो गई हो। इसके लिए पहले से counselling में registration किया होना अनिवार्य है।

Stray Vacancy Round: इसमें vacant seats colleges द्वारा merit के आधार पर allot की जाती हैं। इसमें choice filling का विकल्प नहीं होता और allotment सिर्फ उपलब्धता और merit के आधार पर होता है।

यदि आपने अब तक seat नहीं पाई है तो mop-up और stray rounds में पूरी तैयारी के साथ भाग लें — documents, fees और decision readiness के साथ। कई बार यही अंतिम rounds सबसे अधिक impactful साबित होते हैं।

Expert Guidance और Strategic Planning से ही सफलता मिलती है

Admission अब सिर्फ एक rank या marks का खेल नहीं रह गया है। यह एक strategic process बन चुका है — जिसमें registration से लेकर choice filling, cutoff analysis, documents readiness, और seat acceptance तक हर चरण में स्पष्ट रणनीति होनी चाहिए।

कई high scorers गलत choice filling या late reporting की वजह से admission miss कर देते हैं। वहीं कई average scorers एक expert counsellor की मदद से अच्छे colleges तक पहुंच जाते हैं। GLN Admission Advice Pvt. Ltd. जैसे संस्थान real-time data analysis, trend tracking और personalised support प्रदान करते हैं।

अगर आप भी confused हैं कि कहां apply करें, कौन सा option realistic है या कौन सा choice reject हो सकता है — तो विशेषज्ञ से सलाह लें। एक सही कदम आपकी पूरी academic दिशा बदल सकता है।

Frequently Asked Questions

Q1. NEET में केवल qualify करने से क्या admission मिल जाएगा?

नहीं, केवल qualify करना पर्याप्त नहीं है। आपको AACCC या State counselling के लिए रजिस्ट्रेशन करना होगा और documents, choice filling, allotment की प्रक्रिया समय पर पूरी करनी होगी।

Q2. क्या मैं एक साथ AIQ और State counselling दोनों में भाग ले सकता हूँ?

हाँ, दोनों में भाग लेना संभव है। लेकिन आपको दोनों की schedule और eligibility conditions को अच्छे से समझना होगा।

Q3. Cutoff हर साल क्यों बदलती है?

Cutoff कई कारकों पर निर्भर करती है — जैसे exam का difficulty level, seat availability, competition level आदि। हर साल का trend अलग हो सकता है।

Q4. Deemed University में admission लेने के लिए कौन सी fee जमा करनी पड़ती है?

AACCC counselling के तहत Deemed Universities में ₹50,000 की security fee जमा करनी होती है।

Q5. अगर मेरे पास category certificate नहीं है तो क्या मैं reservation ले सकता हूँ?

नहीं, बिना वैध और updated certificate के आपको general category में माना जाएगा।

Q6. क्या stray vacancy round में भी counselling fee देनी पड़ती है?

कुछ राज्यों में हाँ, stray vacancy round के लिए अलग से registration या fee की आवश्यकता होती है। यह राज्य विशेष पर निर्भर करता है।

Q7. क्या choice filling के बाद हम उसे edit कर सकते हैं?

हां, जब तक आपने choice को lock नहीं किया है, आप उसे edit कर सकते हैं। once locked, कोई बदलाव संभव नहीं होता।

Q8. अगर counselling miss हो गई तो क्या कोई और रास्ता है?

अगर आपने पहले से registration किया है तो mop-up या stray round में भाग ले सकते हैं। लेकिन अगर registration ही miss किया गया हो, तो admission का मौका काफी सीमित हो जाता है।

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