AYUSH Counselling 2025 में चॉइस फिलिंग: गलतियों से कैसे बचें

AYUSH Counselling 2025 में चॉइस फिलिंग करना हर उस छात्र के लिए निर्णायक क्षण होता है जो BAMS, BHMS, BUMS, BSMS, या BNYS जैसे programs में प्रवेश लेना चाहता है। चॉइस भरने की प्रक्रिया जितनी सरल दिखती है, उतनी ही जटिल हो सकती है अगर उसमें सावधानी नहीं बरती जाए। हर साल हजारों छात्र केवल गलत चॉइस ऑर्डर, eligibility का गलत आंकलन या बिना रणनीति के lock करने के कारण अच्छी seats खो देते हैं।

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क्या आपने कभी सोचा है कि NEET में qualify करने के बावजूद कई छात्र क्यों अच्छी Government या Reputed Private college नहीं पा पाते? कारण सीधा है — सही जानकारी की कमी और चॉइस फिलिंग में जल्दबाज़ी। यही कारण है कि यह ब्लॉग खासतौर पर उन students और parents के लिए लिखा गया है जो चॉइस भरने को लेकर असमंजस में हैं।

इस ब्लॉग में हम विस्तार से बताएंगे:

  • कौन-कौन सी सामान्य गलतियाँ होती हैं?
  • चॉइस फिलिंग का सही तरीका क्या है?
  • कैसे आप अपने interest और eligibility के बीच सही संतुलन बना सकते हैं?
  • किन colleges को ऊपर रखें और किन्हें बाद में?
  • चॉइस लॉकिंग से पहले किन बातों की पुष्टि ज़रूरी है?

अगर आप चाहते हैं कि आपकी मेहनत रंग लाए और आपको वो seat मिले जो आप deserve करते हैं, तो इस गाइड को पूरा पढ़ना आपके लिए बेहद जरूरी है।

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चॉइस फिलिंग की प्रक्रिया को समझना ही पहली कुंजी है


AYUSH Counselling की चॉइस फिलिंग एक तय समयसीमा में होती है जिसे AACCC द्वारा ऑनलाइन mode में संचालित किया जाता है। उम्मीदवारों को NEET में qualify करने के बाद counselling portal पर जाकर अपने पसंदीदा colleges और programs को preference के अनुसार भरना होता है। लेकिन सिर्फ नाम या सुनी-सुनाई बातों पर भरोसा कर चॉइस भरना बड़ी गलती हो सकती है।

क्या आपने कभी सोचा है कि बहुत से छात्र सिर्फ top government colleges की सूची भरते हैं और अंत में उन्हें कोई seat ही नहीं मिलती? इसलिए प्रक्रिया को ठीक से समझना बेहद जरूरी है। उम्मीदवारों को unrestricted संख्या में विकल्प भरने की अनुमति होती है, लेकिन यहां गुणवत्ता, यथार्थता और व्यक्तिगत प्राथमिकता सबसे अधिक मायने रखती है।

सही प्रक्रिया यह है:

  • पहले अपने NEET rank और category को समझें।
  • अपनी eligibility की पुष्टि करें (जैसे domicile, category, documents)।
  • पिछले वर्षों के cutoff trends देखें और उसी अनुसार realistic colleges का चयन करें।
  • जितने अधिक colleges और programs को आप समझदारी से शामिल करेंगे, उतनी ज्यादा admission की संभावना होगी।

एक well-informed शुरुआत ही counselling की सफलता की दिशा में पहला कदम है।

अपने NEET Rank और Category को समझना बेहद जरूरी है


हर वर्ष NEET का cutoff अलग होता है और General, OBC, SC, ST, EWS जैसी categories के लिए अलग-अलग होता है। अगर आपकी category OBC है, लेकिन आपने General के अनुसार चॉइस ऑर्डर बनाया है, तो यह आपके लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसके अलावा, आपकी state domicile भी यह तय करती है कि आप AIQ (All India Quota) या State Quota की किस सीट पर apply कर सकते हैं।

इसलिए अपने rank को पिछले वर्षों की cutoff से compare करें और category-wise seat trends को समझें।

चॉइस फिलिंग में सिर्फ Top Colleges ही न भरें — Realistic रहना सीखें


बहुत से छात्र सिर्फ टॉप Government Colleges की सूची बनाकर उसे भर देते हैं, और जब वो seats नहीं मिलतीं, तो उन्हें कोई allotment नहीं होता।

अब ज़रा सोचिए — अगर आपकी NEET Rank 4 लाख है और आपने सिर्फ BHU या Govt. National colleges भरे हैं, तो क्या वो मिलेंगे? शायद नहीं। इसलिए चॉइस भरते समय ‘Dream’, ‘Safe’ और ‘Backup’ तीनों तरह की options रखें।

College Preference Order बनाने का सही तरीका क्या है?


Colleges को preference देते समय यह सोचें कि कौन-कौन से factors आपके लिए ज्यादा महत्वपूर्ण हैं: location, hospital exposure, internship opportunities, fees, private या government status, hostel facility आदि।

क्या आपने कभी सोचा है कि सिर्फ reputation के आधार पर college चुनने से आपको course, faculty, या exposure में समझौता करना पड़ सकता है? इसलिए priority list बनाते समय अपना interest, comfort zone और long-term goals को जरूर ध्यान में रखें।

Interest vs Eligibility — इस संतुलन को समझना सीखें


अगर आपको BHMS में गहरी रुचि है लेकिन आपने eligibility सिर्फ BAMS के लिए qualify की है, तो चॉइस फिलिंग में आपको दोनों programs का संतुलन बनाना होगा। कई बार students सिर्फ एक ही course में चॉइस भरते हैं और बाकी ignore कर देते हैं।

जब आप interest और eligibility दोनों को साथ लेकर चलते हैं, तो admission का scope बढ़ता है। विशेषकर lower ranks पर multiple options रखना बेहद जरूरी होता है।

Mock Allotment को Ignore करना सबसे बड़ी गलती होती है


AACCC द्वारा counselling के दौरान एक Mock Allotment round conduct किया जाता है जिससे छात्र यह समझ सकें कि उनकी चॉइस के अनुसार उन्हें कौन सी seat मिल सकती है।

यह simulation होता है लेकिन इसकी अहमियत बहुत बड़ी है। बहुत से छात्र इसे नजरअंदाज कर देते हैं और बाद में regret करते हैं। Mock allotment के बाद आप अपनी filled choices को modify कर सकते हैं, जो final allotment में फर्क ला सकता है।

चॉइस लॉकिंग से पहले Verification करना जरूरी है


एक बार चॉइस लॉक हो जाने के बाद उसमें कोई बदलाव संभव नहीं होता। इसलिए final lock करने से पहले:

  • Program, college और category की सही जांच करें
  • Preferences का क्रम validate करें
  • Seat acceptance policy पढ़ लें

अगर आपने बिना verify किए lock कर दिया, तो allotment के समय आपको seat से वंचित होना पड़ सकता है।

ज्यादा या कम चॉइस भरने की गलती से कैसे बचें?


बहुत से छात्र सोचते हैं कि “ज्यादा college भरने से chance बढ़ जाएगा।” लेकिन ये strategy तब ही कारगर होती है जब आपने practical choices भरे हों। केवल number बढ़ाने के लिए irrelevant colleges भरना समय और डेटा दोनों की बर्बादी है।

दूसरी ओर, सिर्फ 5–10 college ही भरने से भी नुकसान हो सकता है, खासकर अगर आपकी rank moderate या low है।

Private Colleges को कैसे चॉइस में शामिल करें?


Private AYUSH colleges की fee अधिक होती है लेकिन कई बार यही आपके लिए बेहतर exposure और admission opportunity दे सकते हैं। यदि आप budget manage कर सकते हैं और college verified है (CCIM/NCISM approved), तो आप इसे safe backup option के रूप में रख सकते हैं।

Private options खासतौर पर lower ranks पर एक महत्वपूर्ण role निभाते हैं। लेकिन हमेशा उनके documents, infrastructure और hospital tie-ups verify करें।

Final Strategy: Chhoti Soch Nahi, Smart Planning Zaroori Hai


AYUSH Counselling में सही चॉइस फिलिंग का मतलब है — Practical रहना, Accurate जानकारी रखना और Strategic तरीके से भरना। हर step सोच-समझकर उठाएं, सिर्फ दूसरों की चॉइस देखकर अपने options न बनाएं। खुद की priority, eligibility और program interest को समझकर ही final list बनाएं।

अगर चॉइस फिलिंग को लेकर आप उलझन में हैं, तो समाधान हमारे पास है


अगर आपको यह तय करने में कठिनाई हो रही है कि कौन से college और program आपके लिए सबसे उपयुक्त हैं, तो GLN Admission Advice Pvt. Ltd. की टीम आपकी मदद के लिए तत्पर है। 16 वर्षों में 3000+ छात्रों को सफलतापूर्वक मार्गदर्शन देने का अनुभव हमें भरोसेमंद बनाता है। Monday से Saturday (11AM–6PM) के बीच आप हमारी Free Personalised Counselling का लाभ ले सकते हैं।

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Frequently Asked Questions

Q. क्या मैं चॉइस फिलिंग के बाद उसे edit कर सकता/सकती हूं?

A: हाँ, जब तक आपने चॉइस को lock नहीं किया है, तब तक आप उन्हें modify कर सकते हैं।

Q. Mock Allotment का क्या महत्व है?

A: Mock Allotment आपको आपकी filled choices के आधार पर अनुमान देता है कि कौन सी seat आपको मिल सकती है। इससे final list सुधारने का मौका मिलता है।

Q. क्या सिर्फ Government Colleges भरना सही रणनीति है?

A: नहीं, अपनी rank और eligibility के आधार पर Private Colleges को भी विकल्पों में शामिल करना चाहिए।

Q. क्या BAMS और BHMS को एक साथ चॉइस में रखा जा सकता है?

A: हाँ, अगर आपने दोनों programs के लिए eligibility qualify की है तो दोनों को क्रम से शामिल किया जा सकता है।

Q. क्या चॉइस लॉक करने के बाद changes संभव हैं?

A: नहीं, एक बार चॉइस लॉक हो जाने के बाद आप उसमें कोई बदलाव नहीं कर सकते।

Q. क्या documents की जांच चॉइस लॉकिंग से पहले होती है?

A: नहीं, documents की जांच allotment के बाद physical reporting या verification के समय होती है।

Q. मुझे कितने colleges की चॉइस भरनी चाहिए?

A: कम से कम 30–40 practical और realistic options जरूर भरें, ताकि chances maximize हो सकें।

Q. क्या GLN Admission Advice Pvt. Ltd. की counselling सेवा paid है?

A: हमारी Initial Personalised Counselling Service पूरी तरह free है। Advance admission planning और complete handholding के लिए structured plans उपलब्ध हैं।


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