AYUSH Counselling 2025 में सिक्योरिटी डिपॉजिट: राशि और रिफंड नियम
AYUSH Counselling 2025 में सिक्योरिटी डिपॉजिट जमा करना हर उस उम्मीदवार के लिए अनिवार्य है जो इस प्रक्रिया में भाग लेना चाहता है। यह न केवल आपकी seriousness को दर्शाता है बल्कि seat allotment के बाद आपके admission को सुरक्षित करता है। कई छात्र इसे एक सामान्य प्रक्रिया समझ लेते हैं, लेकिन यही राशि आपकी counselling eligibility का प्रमाण बनती है। AYUSH Counselling 2025 में भाग लेने वाले हर उम्मीदवार को यह डिपॉजिट तय राशि के अनुसार समय पर जमा करना होता है।
क्या आपने कभी सोचा है कि कुछ छात्रों को सीट मिलने के बावजूद admission क्यों रद्द हो जाता है? या उन्हें refund क्यों नहीं मिलता? इन सभी का उत्तर सिक्योरिटी डिपॉजिट की प्रक्रिया और शर्तों में छिपा है। अगर आपने इसे समय पर जमा नहीं किया या allotment मिलने के बाद रिपोर्ट नहीं किया, तो आपका डिपॉजिट जब्त हो सकता है।
इस ब्लॉग में हम विस्तार से समझेंगे:
- किसे कितना डिपॉजिट भरना है?
- जमा करने की प्रक्रिया और समयसीमा क्या है?
- Refund कैसे मिलेगा?
- किन शर्तों पर forfeiture होता है?
- और किन students को विशेष छूट या समर्थन मिलता है?
सिक्योरिटी डिपॉजिट की राशि कितनी होती है?
हर वर्ष counselling से पहले AACCC द्वारा डिपॉजिट की राशि तय की जाती है, जो उम्मीदवार के चुने गए quota पर निर्भर करती है। यह राशि counselling में आपकी भागीदारी को validate करती है और seat allotment प्रक्रिया में आपकी commitment को दर्शाती है।
- Government Quota Seat Only: ₹10,000/-
- Deemed University Quota Seat: ₹50,000/-
कौन से candidates को कितनी राशि भरनी होती है?
यह निर्णय आपकी choice filling पर आधारित होता है कि आप किस प्रकार की seats के लिए apply कर रहे हैं। कई छात्र गलती से गलत राशि जमा कर देते हैं, जिससे उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
- केवल Government colleges के लिए: ₹10,000/-
- यदि Deemed Universities भी चुनी हैं: ₹50,000/-
- सभी categories (General/OBC/SC/ST/EWS/PwD) के लिए समान राशि लागू होती है
डिपॉजिट जमा करने की प्रक्रिया क्या है?
डिपॉजिट जमा करना पूरी तरह online प्रक्रिया होती है और यह counselling portal के माध्यम से किया जाता है। उम्मीदवारों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वह समयसीमा के भीतर और सही quota के अनुसार राशि जमा करें।
- AACCC Portal पर लॉगिन करें
- Payment Gateway में जाकर Online Payment करें
- Receipt डाउनलोड करें और संभाल कर रखें
डिपॉजिट कब तक जमा करना होता है?
हर counselling round की एक निश्चित समयसीमा होती है जिसमें डिपॉजिट जमा करना अनिवार्य होता है। यदि आप समय पर डिपॉजिट नहीं करते हैं, तो आपकी चॉइस invalid मानी जाती है और allotment नहीं किया जाएगा।
- Choice filling के साथ ही payment अनिवार्य है
- Deadline से पहले जमा करें
- Final day की rush से बचें
क्या सिक्योरिटी डिपॉजिट रिफंड होता है?
सही प्रक्रिया का पालन करने पर आपका डिपॉजिट refundable होता है। यह रिफंड counselling पूरी होने के बाद आपके द्वारा दिए गए bank account में transfer किया जाता है।
- यदि कोई सीट allot नहीं हुई हो
- Reporting करके admission confirm किया हो
- 15–30 कार्यदिवस में refund प्रक्रिया पूर्ण होती है
किन स्थितियों में डिपॉजिट जब्त (forfeit) हो सकता है?
अगर आप counselling प्रक्रिया में seat allotment के बाद report नहीं करते हैं या admission लेने से मना करते हैं, तो आपका डिपॉजिट forfeited हो सकता है। यह नियम counselling को गंभीरता से लेने के लिए लागू किया गया है।
- Seat allotment के बाद रिपोर्टिंग नहीं करना
- Documents verify न कराना
- Admission के बाद resign कर देना
- फर्जी documents देना
Refund के लिए जरूरी दस्तावेज और steps क्या हैं?
Refund प्राप्त करने के लिए आपको counselling portal पर अपने बैंक विवरण भरने होते हैं और यदि कोई allotment नहीं हुआ है, तो system generated proof अपलोड करना होता है।
- Refund bank details counselling portal पर भरें
- No-allotment slip (यदि कोई सीट नहीं मिली हो)
- Resignation slip (यदि रिपोर्टिंग के बाद छोड़ दिया हो)
Common mistakes जो students करते हैं
कई बार छात्र जल्दबाज़ी या जानकारी की कमी के कारण डिपॉजिट से जुड़ी सामान्य लेकिन गंभीर गलतियाँ कर बैठते हैं, जिससे उन्हें वित्तीय नुकसान होता है।
- गलत quota के लिए amount भर देना
- Deemed quota न चुनते हुए भी ₹50,000 जमा करना
- Deadline चूक जाना
- Bank details में गलती करना
- रिपोर्टिंग न करना
अगर counselling छोड़नी हो तो क्या डिपॉजिट मिलेगा?
अगर आपने counselling के किसी भी चरण में participate नहीं किया और कोई सीट allot नहीं हुई, तो आपका डिपॉजिट वापस मिल जाता है। लेकिन अगर आपको सीट मिली और आपने report नहीं किया, तो डिपॉजिट जब्त हो जाएगा।
- No-allotment होने पर full refund
- Allotment + no reporting = no refund
- Participation के आधार पर eligibility तय होती है
Final Tips: पैसे की सुरक्षा तभी, जब जानकारी पूरी हो
सिक्योरिटी डिपॉजिट केवल एक शुल्क नहीं है, यह आपकी counselling सफलता की कुंजी है। यदि आपने हर step को सही समय पर पूरा किया तो यह राशि न केवल सुरक्षित रहती है, बल्कि refund भी समय पर हो जाता है।
- Counselling calendar को फॉलो करें
- Quota को सही से समझें
- Refund policy पढ़ें
- Payment receipt संभाल कर रखें
अगर सिक्योरिटी डिपॉजिट को लेकर आप उलझन में हैं, तो हम आपकी मदद कर सकते हैं
अगर आपको यह तय करने में कठिनाई हो रही है कि किस quota के लिए कितना डिपॉजिट भरना है, या refund के नियमों को लेकर आप स्पष्ट नहीं हैं, तो GLN Admission Advice Pvt. Ltd. की विशेषज्ञ टीम आपकी मदद के लिए तैयार है। 16 वर्षों में 3000+ छात्रों को सही मार्गदर्शन देने का अनुभव हमें इस क्षेत्र का अग्रणी बनाता है। आप हमारी Free Personalised Counselling सेवा Monday से Saturday (11AM–6PM) के बीच प्राप्त कर सकते हैं।
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Frequently Asked Questions
Q1. क्या सिक्योरिटी डिपॉजिट सभी को देना पड़ता है?
हाँ, counselling में भाग लेने वाले सभी eligible candidates को देना अनिवार्य है।
Q2. क्या ₹50,000 की राशि refundable है?
हाँ, यदि आपने reporting की है या कोई seat allot नहीं हुई, तो पूरा amount refundable होता है।
Q3. Refund कब तक मिल जाता है?
Counselling के अंतिम round के 15–30 कार्यदिवस के भीतर refund मिल जाता है।
Q4. अगर documents verify नहीं हुए तो क्या डिपॉजिट मिलेगा?
नहीं, allotment के बाद documents verify नहीं कराने पर डिपॉजिट जब्त हो सकता है।
Q5. क्या bank account parent का हो सकता है?
Refund उसी candidate के नाम के account में भेजा जाता है जो counselling में participate कर रहा है।
Q6. क्या PwD या SC/ST को कोई छूट मिलती है?
नहीं, सिक्योरिटी डिपॉजिट की राशि सभी के लिए समान होती है।
Q7. क्या counselling छोड़ने पर भी refund मिलेगा?
अगर seat allot नहीं हुई, तो हाँ। लेकिन allotment के बाद reporting न करने पर refund नहीं मिलेगा।
Q8. Deemed University के लिए ₹50,000 क्यों?
Deemed colleges की fee structure और commitment high होती है, इसलिए उच्च डिपॉजिट तय किया गया है।
NEET 2025 रिजल्ट के बाद AYUSH Counselling: टॉप 5 बातें जो आपको जाननी चाहिए
NEET 2025 रिजल्ट के बाद AYUSH counselling से जुड़ी टॉप 5 जरूरी बातें हर उस छात्र को जाननी चाहिए जो BAMS, BHMS, BUMS, BSMS, या BNYS जैसे आयुष कोर्स में प्रवेश लेने का सपना देख रहा है। खासकर जब रिजल्ट घोषित हो चुका हो और हर मिनट कीमती लगने लगे, तो सही जानकारी और रणनीति आपके लिए निर्णायक साबित हो सकती है। बहुत से छात्र NEET में अच्छा स्कोर लाने के बावजूद counselling की जटिलताओं और गलत फैसलों के कारण अपने लक्ष्य से चूक जाते हैं।
NEET रिजल्ट आते ही छात्रों और अभिभावकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही होता है – अब आगे क्या करें? इसका उत्तर सीधा है: AYUSH counselling प्रक्रिया को समय रहते समझना और सही तैयारी करना। यह प्रक्रिया merit आधारित और structured होती है, लेकिन इसके अलग-अलग चरण — जैसे कि registration, documents verification, choice filling और allotment — कई छात्रों को भ्रमित कर सकते हैं। इस ब्लॉग का उद्देश्य यही है कि हम आपको उन 5 सबसे महत्वपूर्ण बातों की जानकारी दें, जिनसे आप counselling में सफल होकर अपने पसंदीदा course और college तक पहुंच सकते हैं।
चलिए अब उन सभी अहम पहलुओं को विस्तार से समझते हैं जो NEET 2025 के बाद AYUSH admission की राह को आसान बनाएंगे।
NEET Qualify करना ही काफी नहीं — Counselling प्रक्रिया को समझें
NEET में qualify करना सिर्फ पहला चरण है। असली प्रतिस्पर्धा तो अब शुरू होती है, जब आपको देशभर की सीमित सीटों के लिए organised counselling प्रक्रिया में भाग लेना होता है।
AYUSH counselling दो स्तरों पर होती है:
- AACCC द्वारा संचालित All India Quota (AIQ) counselling – इसमें सभी राज्यों के छात्र भाग ले सकते हैं।
- State Counselling Authorities द्वारा आयोजित counselling – यह विशेष रूप से संबंधित राज्य के domicile छात्रों के लिए होती है।
AIQ के तहत सरकारी और कुछ Deemed Universities की 15% सीटों पर admission होता है। राज्य स्तरीय counselling शेष 85% सीटों को कवर करती है।
हर counselling body की अपनी official website और अलग schedule होता है, इसलिए NEET के बाद फौरन registration प्रक्रिया की जानकारी जुटाएं और जरूरी documents तैयार रखें।
Counselling का सही समय और चरण समझना जरूरी है
NEET रिजल्ट के कुछ सप्ताह बाद AACCC द्वारा All India Quota counselling शुरू होती है। इसमें मुख्यतः 4 चरण होते हैं:
- Round 1
- Round 2
- Mop-Up Round
- Stray Vacancy Round
हर राउंड में अलग-अलग समय पर registration, choice filling, seat allotment और reporting होती है। अगर आपने पहले round में registration कर लिया है तो वही mop-up तक मान्य रहता है। Stray vacancy round में हिस्सा लेने के लिए पहले registration होना अनिवार्य है।
कई राज्य counselling rounds में physical verification या reporting भी कराते हैं। इसलिए हर चरण को समय पर समझना और deadlines को follow करना अनिवार्य है।
सभी ज़रूरी Documents पहले से तैयार रखें
Counselling प्रक्रिया में सफलता के लिए documentation एक अहम पहलू है। बहुत सारे छात्र दस्तावेज़ तैयार न होने के कारण अच्छे विकल्प खो देते हैं।
नीचे दिए गए documents हमेशा तैयार रखें:
- NEET 2025 Scorecard और Admit Card
- 10वीं व 12वीं की Marksheet और Certificate
- Transfer Certificate और Character Certificate
- Category Certificate (SC/ST/OBC/EWS आदि)
- PwD Certificate (यदि लागू हो)
- Domicile Certificate (राज्य counselling के लिए)
- Passport-size photographs
- Valid Photo ID Proof (Aadhaar, PAN, Voter ID आदि)
सभी documents की self-attested copies और originals साथ रखें। कुछ राज्यों में online upload और verification की व्यवस्था होती है, जबकि कुछ में physical reporting अनिवार्य होती है।
Cutoff और पिछले वर्षों की Trends का अध्ययन करें
NEET में सफलता पाने के बाद यह जानना बेहद जरूरी है कि आपके स्कोर पर किस प्रकार के colleges और courses मिल सकते हैं। यही काम आता है पिछली वर्षों की cutoff trends का विश्लेषण। हर वर्ष NEET की cutoff में बदलाव देखने को मिलता है, जो counselling strategy को सीधे प्रभावित करता है।
2020 से 2024 तक सामान्य श्रेणी की cutoff रेंज इस प्रकार रही:
- 2020: 720–147
- 2021: 720–138
- 2022: 715–117
- 2023: 720–137
- 2024: 720–162
इस cutoff डेटा से स्पष्ट है कि हर साल पात्रता की न्यूनतम सीमा बदलती रही है। 2024 में खासकर cutoff में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई, जिससे competition बढ़ा है। ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि छात्र केवल अनुमान पर न चलें, बल्कि past data के आधार पर अपनी संभावनाओं का मूल्यांकन करें।
GLN Admission Advice में हम पिछले वर्षों के trends और category-wise data के आधार पर आपकी real-time eligibility की सटीक भविष्यवाणी करते हैं। इससे आप अनुमान नहीं, बल्कि तथ्य आधारित choice filling कर पाते हैं और बेहतर कॉलेज तक पहुंच सकते हैं।
यहाँ आपके निर्देशों के अनुसार Section 6 से 10 तक के सभी हिस्से, FAQs, और CTA पैराग्राफ एक साथ पेश किए जा रहे हैं, जो आपके पिछले कंटेंट (Section 1–5) से सीधे जुड़ते हैं:
यह रहा Section 5 का नया संस्करण — “Documents की तैयारी और Verification प्रक्रिया” विषय पर, लगभग 250 शब्दों में, पूरी तरह से human-style, E-E-A-T aligned और eBook से fact-verified:
Documents की तैयारी और Verification प्रक्रिया
AYUSH Counselling 2025 में participate करने वाले हर छात्र के लिए documents की तैयारी एक decisive step है। counselling के किसी भी चरण में यदि आपके documents अधूरे या गलत पाए जाते हैं, तो आपकी seat रद्द की जा सकती है — भले ही आपने अच्छा rank प्राप्त किया हो।
जरूरी Documents की सूची:
- NEET 2025 का Scorecard और Admit Card
- 10वीं और 12वीं की Marksheet व Passing Certificate
- Transfer Certificate (TC) और Migration Certificate
- Domicile Certificate (राज्य कोटे के लिए)
- Category Certificate (SC/ST/OBC/EWS के लिए, यदि लागू हो)
- Income Certificate (OBC/EWS Reservation Verification हेतु)
- Aadhar Card या अन्य Photo ID Proof
- Passport size photographs (हाल ही की)
- Character Certificate
- PwD Certificate (यदि लागू हो)
- NCC/Defence/Minority/Other Quota Relevant Certificates (यदि लागू हो)
Verification Process:
AACCC (ऑल इंडिया कोटा) के लिए document verification online प्रक्रिया के अंतर्गत होती है, जिसमें आपको सभी documents की PDF upload करनी होती है। वहीं State Counselling में कई बार physical verification की प्रक्रिया रखी जाती है, जहां documents की hard copy ले जानी होती है।
सुझाव: सभी documents के दो-दो set तैयार रखें — एक original और एक self-attested photocopy। इसके अलावा, एक folder में neatly व्यवस्थित कर counselling day पर साथ लेकर जाएं।
सही समय पर सही documents की उपलब्धता आपकी counselling प्रक्रिया को smooth बनाती है और admission की संभावना को सुनिश्चित करती है।
Deemed Universities और Private Colleges की फीस और प्रक्रिया को समझें
AYUSH Counselling 2025 में Deemed Universities और Private Colleges की फीस संरचना और प्रक्रिया को समझना बेहद ज़रूरी है क्योंकि ये सरकारी कॉलेजों से काफी भिन्न होते हैं।
Deemed Universities: ये संस्थान AACCC की All India Quota counselling के अंतर्गत आते हैं। इन संस्थानों में प्रवेश लेने के लिए ₹50,000 की security money जमा करनी होती है।
प्रमुख Deemed Universities की अनुमानित फीस इस प्रकार है:
- Bharati Vidyapeeth (Pune): ₹3,70,000 प्रति वर्ष (BAMS)
- Dr. D.Y. Patil Vidyapeeth (Pune): ₹4,80,000 प्रति वर्ष (BAMS)
- Datta Meghe Institute of Higher Education, Wardha: ₹3,40,000 प्रति वर्ष (BAMS)
इनमें अतिरिक्त शुल्क जैसे admission charges, hostel fees आदि भी होते हैं। प्रवेश केवल AACCC counselling के माध्यम से ही मान्य होता है।
Private Colleges: ये कॉलेज राज्य स्तरीय counselling में शामिल होते हैं। जैसे:
- UP AYUSH counselling:
- ₹10,000 (Govt. colleges)
- ₹50,000 (Private colleges)
- फीस: ₹1.5–₹3.5 लाख प्रति वर्ष तक
- ₹10,000 (Govt. colleges)
प्रत्येक राज्य के नियम भिन्न होते हैं। छात्रों को प्रत्येक कॉलेज की official वेबसाइट से updated fee structure, bond conditions और refund policy अवश्य देखनी चाहिए ताकि बाद में किसी प्रकार की समस्या न हो। GLN Admission Advice Pvt. Ltd. इन जटिलताओं को समझने और आपके लिए उपयुक्त विकल्प चुनने में मदद करता है।
AIQ और State Quota में अंतर जानें
बहुत से छात्र AIQ (All India Quota) और State Quota के बीच अंतर नहीं समझ पाते, जिससे counselling planning कमजोर हो जाती है।
AIQ (15%): इस कोटे में सभी राज्यों के छात्र भाग ले सकते हैं। यह सरकारी colleges और कुछ Deemed Universities के लिए लागू होता है और इसे AACCC आयोजित करता है।
State Quota (85%): इसमें केवल उस राज्य के domicile छात्र ही भाग ले सकते हैं, और यह counselling संबंधित राज्य की authority द्वारा संचालित होती है।
अगर आप किसी राज्य के निवासी हैं तो State Quota में कम cutoff पर भी अच्छा विकल्प मिल सकता है, जबकि AIQ में national level पर competition अधिक होता है। सही निर्णय के लिए दोनों की eligibility, fee structure और past cutoffs का तुलनात्मक अध्ययन करें।
Reservation Policies और Category Benefits का सही उपयोग करें
AYUSH counselling में reservation एक निर्णायक भूमिका निभाता है, लेकिन इसका लाभ तभी संभव है जब आप documents और प्रक्रिया को सही तरह से समझें।
AACCC और राज्य counselling दोनों में SC, ST, OBC-NCL, EWS, PwD, Minority जैसी reservation categories लागू होती हैं। इनका लाभ पाने के लिए आपके पास सही और वैध documents होने चाहिए:
- OBC-NCL Certificate: 1 अप्रैल 2025 के बाद जारी होना चाहिए।
- EWS Certificate: 1 अप्रैल 2025 के बाद का होना जरूरी है।
- SC/ST Certificate: सरकार द्वारा अधिकृत प्राधिकारी से जारी होना चाहिए।
अगर आपके पास सही category certificate नहीं है तो आप general category के रूप में counselling में consider किए जाएंगे। इसलिए counselling शुरू होने से पहले सभी category-related documents तैयार करवा लेना बुद्धिमानी है।
Mop-Up और Stray Vacancy Round को हल्के में न लें
कई छात्र counselling के अंतिम चरणों को कम महत्व देते हैं, जबकि यही rounds कई बार admission का आखिरी और सबसे अच्छा अवसर होते हैं।
Mop-Up Round: इसमें वे छात्र भाग ले सकते हैं जिन्होंने पहले किसी round की seat join नहीं की या जिनकी seat cancel हो गई हो। इसके लिए पहले से counselling में registration किया होना अनिवार्य है।
Stray Vacancy Round: इसमें vacant seats colleges द्वारा merit के आधार पर allot की जाती हैं। इसमें choice filling का विकल्प नहीं होता और allotment सिर्फ उपलब्धता और merit के आधार पर होता है।
यदि आपने अब तक seat नहीं पाई है तो mop-up और stray rounds में पूरी तैयारी के साथ भाग लें — documents, fees और decision readiness के साथ। कई बार यही अंतिम rounds सबसे अधिक impactful साबित होते हैं।
Expert Guidance और Strategic Planning से ही सफलता मिलती है
Admission अब सिर्फ एक rank या marks का खेल नहीं रह गया है। यह एक strategic process बन चुका है — जिसमें registration से लेकर choice filling, cutoff analysis, documents readiness, और seat acceptance तक हर चरण में स्पष्ट रणनीति होनी चाहिए।
कई high scorers गलत choice filling या late reporting की वजह से admission miss कर देते हैं। वहीं कई average scorers एक expert counsellor की मदद से अच्छे colleges तक पहुंच जाते हैं। GLN Admission Advice Pvt. Ltd. जैसे संस्थान real-time data analysis, trend tracking और personalised support प्रदान करते हैं।
अगर आप भी confused हैं कि कहां apply करें, कौन सा option realistic है या कौन सा choice reject हो सकता है — तो विशेषज्ञ से सलाह लें। एक सही कदम आपकी पूरी academic दिशा बदल सकता है।
Frequently Asked Questions
Q1. NEET में केवल qualify करने से क्या admission मिल जाएगा?
नहीं, केवल qualify करना पर्याप्त नहीं है। आपको AACCC या State counselling के लिए रजिस्ट्रेशन करना होगा और documents, choice filling, allotment की प्रक्रिया समय पर पूरी करनी होगी।
Q2. क्या मैं एक साथ AIQ और State counselling दोनों में भाग ले सकता हूँ?
हाँ, दोनों में भाग लेना संभव है। लेकिन आपको दोनों की schedule और eligibility conditions को अच्छे से समझना होगा।
Q3. Cutoff हर साल क्यों बदलती है?
Cutoff कई कारकों पर निर्भर करती है — जैसे exam का difficulty level, seat availability, competition level आदि। हर साल का trend अलग हो सकता है।
Q4. Deemed University में admission लेने के लिए कौन सी fee जमा करनी पड़ती है?
AACCC counselling के तहत Deemed Universities में ₹50,000 की security fee जमा करनी होती है।
Q5. अगर मेरे पास category certificate नहीं है तो क्या मैं reservation ले सकता हूँ?
नहीं, बिना वैध और updated certificate के आपको general category में माना जाएगा।
Q6. क्या stray vacancy round में भी counselling fee देनी पड़ती है?
कुछ राज्यों में हाँ, stray vacancy round के लिए अलग से registration या fee की आवश्यकता होती है। यह राज्य विशेष पर निर्भर करता है।
Q7. क्या choice filling के बाद हम उसे edit कर सकते हैं?
हां, जब तक आपने choice को lock नहीं किया है, आप उसे edit कर सकते हैं। once locked, कोई बदलाव संभव नहीं होता।
Q8. अगर counselling miss हो गई तो क्या कोई और रास्ता है?
अगर आपने पहले से registration किया है तो mop-up या stray round में भाग ले सकते हैं। लेकिन अगर registration ही miss किया गया हो, तो admission का मौका काफी सीमित हो जाता है।
AACCC Counselling 2025: ऑल इंडिया कोटा सीट्स की पूरी जानकारी
AACCC Counselling 2025 ऑल इंडिया कोटा (AIQ) सीट्स की पूरी जानकारी हर उस छात्र के लिए अत्यंत जरूरी है जो BAMS, BHMS, BUMS जैसे AYUSH programs में admission लेना चाहता है। विशेष रूप से वे छात्र जो NEET में qualify कर चुके हैं और अब यह जानना चाहते हैं कि उन्हें कौन-से कॉलेज मिल सकते हैं, AIQ सीट्स की प्रक्रिया को समझना उनके लिए अनिवार्य है। कई बार सही जानकारी के अभाव में छात्र अवसरों से चूक जाते हैं या गलत विकल्प चुन लेते हैं। यह ब्लॉग इस भ्रम को दूर करने और एक स्पष्ट दिशा देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
AACCC (Ayush Admissions Central Counselling Committee) भारत सरकार के AYUSH मंत्रालय के अधीन एक केंद्रीय निकाय है, जो पूरे देश के BAMS, BHMS, BUMS जैसे कोर्सों में 15% ऑल इंडिया कोटा (AIQ) की सीटों के लिए पारदर्शी और merit-based counselling प्रक्रिया संचालित करता है। इसका मुख्य उद्देश्य है कि NEET-qualified छात्रों को भारत के किसी भी मान्यता प्राप्त आयुष कॉलेज में प्रवेश का समान अवसर मिल सके। यह पूरी counselling प्रक्रिया ऑनलाइन होती है और इसमें registration से लेकर choice filling, allotment और admission तक के सभी चरण digital तरीके से संपन्न होते हैं। AACCC की यह प्रणाली छात्रों को एक सरल, सुरक्षित और भरोसेमंद अनुभव देती है, साथ ही पूरे देश में आयुष शिक्षा की समान पहुंच सुनिश्चित करती है।
Read Also:
- BSMS Course 2025: Admission, Syllabus, Fees, Cutoff, Colleges और Career
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- AACCC AYUSH UG Counselling 2025 Choice Filling रणनीति: BAMS BHMS BUMS BSMS के लिए
- BAMS Course 2025: Admission, Syllabus, Fees, Cutoff, Colleges और Career – Counsellor की नज़र से
- AACCC AYUSH UG Counselling 2025–26 Schedule जारी | Round-wise Dates & Process
15% AIQ सीटें क्या होती हैं?
15% AIQ यानी All India Quota सीटें, वो सीटें होती हैं जो प्रत्येक सरकारी आयुष कॉलेज में भारत सरकार द्वारा निर्धारित की गई हैं और जिन पर देश के किसी भी राज्य का छात्र आवेदन कर सकता है। उदाहरण के लिए, अगर कोई छात्र उत्तर प्रदेश से है तो वह तमिलनाडु, महाराष्ट्र या किसी भी राज्य के सरकारी आयुष कॉलेज में AIQ सीट के तहत आवेदन कर सकता है।
AIQ सीटों की संख्या हर कॉलेज की कुल सीटों की 15% होती है और इनका allotment AACCC द्वारा merit और reservation के आधार पर किया जाता है। इसका मतलब है कि अगर किसी सरकारी BAMS कॉलेज में 100 सीटें हैं, तो उनमें से 15 सीटें AIQ के तहत होंगी।
कौन-कौन से कोर्स कवर होते हैं?
AACCC Counselling 2025 के अंतर्गत निम्नलिखित आयुष कोर्स कवर किए जाते हैं:
- BAMS (Bachelor of Ayurvedic Medicine and Surgery)
- BHMS (Bachelor of Homeopathic Medicine and Surgery)
- BUMS (Bachelor of Unani Medicine and Surgery)
- BSMS (Bachelor of Siddha Medicine and Surgery)
- BNYS (Bachelor of Naturopathy and Yogic Sciences)
इन सभी कोर्सों में AIQ के अंतर्गत admission की प्रक्रिया समान होती है। हालांकि कुछ राज्यों में सभी कोर्सों की सीटें उपलब्ध नहीं होतीं, इसलिए छात्रों को counselling portal पर उपलब्ध विकल्पों को ध्यान से देखना चाहिए।
AIQ Counselling के चरण
AACCC द्वारा संचालित AIQ counselling मुख्यतः चार चरणों में पूरी होती है:
- Round 1 – प्राथमिक सीट आवंटन
- Round 2 – अपग्रेडेशन और खाली सीटों पर allotment
- Mop-Up Round – बची हुई सीटों के लिए
- Stray Vacancy Round – अंतिम शेष सीटों के लिए
हर चरण में छात्रों को online registration, choice filling और seat allotment की प्रक्रिया से गुजरना होता है। हर चरण की deadlines स्पष्ट रूप से counselling schedule में दी जाती है।
AIQ Seat Allotment का आधार क्या है?
AIQ सीट का allotment मुख्यतः NEET UG में प्राप्त rank के आधार पर होता है। साथ ही, आरक्षण नीति जैसे SC, ST, OBC, EWS और PwD categories को भी allotment प्रक्रिया में प्राथमिकता दी जाती है।
Seat allotment algorithm पूरी तरह से automated होता है और students की भरी गई choices के आधार पर merit list के अनुसार colleges allocate किए जाते हैं। इसलिए सही strategy से choice filling करना अत्यंत आवश्यक होता है।
कौन-कौन से कॉलेज शामिल होते हैं?
AIQ counselling में निम्न प्रकार के कॉलेज शामिल होते हैं:
- Central Universities (जैसे: BHU)
- National Institutes (जैसे: NIA, Jaipur)
- Deemed Universities (जैसे: Bharati Vidyapeeth, Pune, और Dr. D.Y. Patil Vidyapeeth, Pune )
- राज्य सरकार द्वारा संचालित सरकारी आयुष कॉलेज (जो AIQ सीटें प्रदान करते हैं)
हर कॉलेज के लिए cutoffs अलग-अलग होते हैं और उनमें उपलब्ध सीटों की संख्या भी भिन्न होती है। AACCC की वेबसाइट पर पूरी सूची उपलब्ध होती है।
AIQ और State Quota में अंतर
AIQ सीटें पूरे भारत के छात्रों के लिए खुली होती हैं जबकि State Quota केवल उस राज्य के domicile छात्रों के लिए आरक्षित होता है। AIQ में प्रवेश के लिए domicile प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं होती, जबकि State Quota के लिए जरूरी होती है।
AIQ counselling का संचालन AACCC करता है जबकि State Quota counselling संबंधित राज्य के counselling authorities द्वारा की जाती है। यह अंतर counselling schedule, documents और eligibility में भी देखने को मिलता है।
कौन हैं पात्र (Eligibility Criteria)?
AIQ सीटों के लिए पात्रता निम्नलिखित है:
- छात्र ने NEET UG 2025 qualify किया हो
- आयु कम से कम 17 वर्ष हो
- BAMS/BHMS/BUMS/BSMS/BNYS courses के लिए NEET percentile criteria पूरा किया गया हो
- कुछ specific colleges में subject-wise eligibility हो सकती है (जैसे Urdu in 10th for BUMS)
NRI, OCI और foreign nationals के लिए Deemed Universities में विशेष दिशा-निर्देश होते हैं।
जरूरी Documents की सूची
AIQ counselling के लिए जरूरी documents की सूची इस प्रकार है:
- NEET UG 2025 Scorecard
- NEET Admit Card
- Class 10th और 12th Marksheet & Certificate
- Transfer Certificate
- Character Certificate
- Caste Certificate (यदि लागू हो)
- EWS Certificate (यदि लागू हो)
- PwD Certificate (यदि लागू हो)
- Domicile Certificate (State Quota के लिए)
- Passport-size photographs
- Identity Proof (Aadhaar Card, PAN, Voter ID, आदि)
सभी documents की self-attested photocopy और originals साथ लाना जरूरी होता है।
Choice Filling और Locking की रणनीति
AACCC Counselling में Choice Filling एक ऐसा चरण है जो सीधे आपके admission को प्रभावित करता है। सही विकल्प भरना उतना ही जरूरी है जितना कि NEET में अच्छा स्कोर करना। यह प्रक्रिया merit के अनुसार होती है, लेकिन कई बार गलत प्राथमिकताएं छात्रों को बेहतर विकल्पों से वंचित कर देती हैं।
क्या करें:
- अपनी वास्तविक पसंद और practical पहलुओं को ध्यान में रखते हुए प्राथमिकताएं तय करें
- पहले top colleges और desired programs (BAMS, BHMS, BUMS) को रखें
- पिछले वर्षों के cutoff और कॉलेज की प्रतिष्ठा की जानकारी जरूर लें
- 25 से 30 choices अवश्य भरें ताकि fallback options रहें
Choice Locking से पहले भरी गई सूची की पुनः जांच करें। एक बार लॉक होने के बाद उसमें बदलाव संभव नहीं होता।
विशेष सलाह:
यदि आप चाहते हैं कि आपकी choice list आपकी rank के अनुसार अधिक व्यावहारिक और रणनीतिक हो, तो GLN Admission Advice Pvt. Ltd. की टीम से परामर्श लें। 16 वर्षों का अनुभव और 3000+ सफल प्रवेश हमारे मार्गदर्शन को खास बनाते हैं।
जल्दबाज़ी न करें, और इस चरण को गंभीरता से लें — यही strategy आपको आपके लक्ष्य तक पहुंचा सकती है।
Counselling Fee और Refund Policy
AACCC Counselling में भाग लेने के लिए छात्रों को दो तरह की fees जमा करनी होती है:
- Non-refundable Registration Fee (जैसे ₹1,000 for UR)
- Refundable Security Deposit (जैसे ₹10,000 for Govt. Colleges)
Deemed Universities के लिए यह शुल्क ₹50,000 होता है। यदि छात्र allotted सीट स्वीकार नहीं करता या समय पर reporting नहीं करता है, तो उनकी security deposit नियमानुसार forfeit की जा सकती है। Refund केवल उन्हीं छात्रों को दिया जाता है जिन्होंने नियमानुसार resign किया हो और जिन्होंने कॉलेज में admission नहीं लिया हो। Refund प्रक्रिया AACCC counselling की अंतिम रिपोर्टिंग तिथि के बाद Online मोड में पूरी होती है, और इसमें कुछ सप्ताह का समय लग सकता है। Refund process counselling के बाद निर्धारित समयावधि में Online होता है।
अगर आप भी AYUSH admission को लेकर असमंजस में हैं और यह तय नहीं कर पा रहे कि आपके लिए कौन-सा कॉलेज और कोर्स सही रहेगा, तो अब समय है स्पष्ट मार्गदर्शन का। GLN Admission Advice Pvt. Ltd. पिछले 16 वर्षों से 3000 से अधिक छात्रों को आयुष में सफल प्रवेश दिलाने में मदद कर चुका है। हमारी Free Personalised Counselling सेवा आपको हर कदम पर सही निर्णय लेने में मार्गदर्शन देती है। आप Monday से Saturday (11AM–6PM) के बीच विशेषज्ञों से बात कर सकते हैं। आज ही Appointment बुक करें:
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Frequently Asked Questions
Q1. क्या सभी सरकारी आयुष कॉलेज AIQ counselling में शामिल होते हैं?
हाँ, अधिकतर सरकारी BAMS, BHMS, BUMS, BSMS और BNYS कॉलेजों में 15% सीटें ऑल इंडिया कोटा (AIQ) के अंतर्गत होती हैं। हालाँकि कुछ राज्यों के कुछ कॉलेज इस प्रक्रिया में भाग नहीं लेते, इसलिए छात्रों को AACCC की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध सीट मैट्रिक्स की जांच जरूर करनी चाहिए।
Q2. क्या AIQ और State Quota counselling दोनों में भाग लेना संभव है?
जी हाँ, दोनों counselling अलग-अलग होती हैं और आप दोनों में भाग ले सकते हैं। AIQ counselling राष्ट्रीय स्तर पर होती है, जबकि State Quota counselling राज्य सरकार द्वारा चलाई जाती है।
Q3. क्या Choice Filling के बाद विकल्प बदले जा सकते हैं?
बिलकुल, लेकिन केवल Choice Locking से पहले तक। एक बार आपने विकल्प लॉक कर दिए तो उसके बाद कोई बदलाव संभव नहीं होता। इसलिए विकल्पों को भरते समय पूरी सावधानी बरतें।
Q4. क्या Private Colleges भी AACCC counselling के अंतर्गत आते हैं?
सिर्फ वे Private या Deemed Universities जो Ministry of AYUSH द्वारा मान्यता प्राप्त हैं और counselling प्रक्रिया से जुड़ी हुई हैं, वही AIQ में शामिल होती हैं। सभी private colleges AIQ counselling का हिस्सा नहीं होते।
Q5. Refund policy क्या है अगर कोई छात्र allotted सीट नहीं लेता है?
यदि कोई छात्र सीट स्वीकार नहीं करता और समय पर reporting नहीं करता है, तो उसकी refundable security deposit forfeited हो सकती है। Refund उन्हीं छात्रों को मिलता है जिन्होंने admission नहीं लिया हो और नियमानुसार सीट resign की हो।
Q6. क्या NRI छात्रों के लिए भी AIQ counselling प्रक्रिया लागू होती है?
कुछ Deemed Universities NRI quota के तहत प्रवेश देती हैं, लेकिन उसके लिए अलग शुल्क और documents की आवश्यकता होती है। अधिक जानकारी AACCC की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध होती है।
Q7. क्या हर राउंड के लिए नया registration जरूरी होता है?
नहीं, अगर आपने Round 1 में registration कर लिया है तो वही आगे के rounds के लिए valid होता है। लेकिन Mop-Up और Stray Vacancy Round में कुछ eligibility conditions लागू हो सकती हैं।
Q8. क्या counselling पूरी तरह से मोबाइल या ऑनलाइन माध्यम से की जा
Q8. क्या counselling पूरी तरह से मोबाइल या ऑनलाइन माध्यम से की जा सकती है?
हाँ, counselling प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल है और मोबाइल या लैपटॉप से की जा सकती है। लेकिन documents upload करते समय clarity और file format का ध्यान रखना चाहिए।
AYUSH Counselling 2025 में जरूरी Documents : अपडेटेड चेकलिस्ट
AYUSH Counselling 2025 में जरूरी दस्तावेज़: अपडेटेड चेकलिस्ट हर उस छात्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है जो BAMS, BHMS, BUMS, BSMS, या BNYS जैसे programs में admission लेने की तैयारी कर रहा है। यह प्रक्रिया केवल NEET qualify कर लेने तक सीमित नहीं होती, बल्कि counselling के हर चरण में सही दस्तावेज़ों की मौजूदगी आपकी सफलता तय करती है। कई छात्र NEET में अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद admission से वंचित रह जाते हैं क्योंकि उनके documents अधूरे होते हैं या समय पर तैयार नहीं किए गए होते।
Counselling चाहे AACCC द्वारा आयोजित हो या किसी राज्य सरकार द्वारा, document verification हर स्तर पर अनिवार्य होता है। यदि कोई भी दस्तावेज़ अधूरा, गलत प्रारूप में या expired पाया गया, तो seat allotment के बाद भी आपका admission रद्द किया जा सकता है। इसलिए एक व्यवस्थित और अपडेटेड checklist हर अभ्यर्थी के पास होनी चाहिए।
इस ब्लॉग में हम AYUSH Counselling 2025 के लिए आवश्यक सभी documents की सूची विस्तार से देंगे, साथ ही यह भी बताएंगे कि उन्हें कब और कैसे तैयार करना है। यह लेख AYUSH Admission Specialist Rajesh Mishra के 16 वर्षों के अनुभव और 3000+ सफल प्रवेशों के आधार पर तैयार किया गया है।
GLN Admission Advice Pvt. Ltd. की टीम ने विभिन्न राज्यों और central counselling प्रक्रियाओं का विश्लेषण करके इस दस्तावेज़ सूची को तैयार किया है ताकि कोई छात्र document-related समस्या के कारण पीछे न रह जाए। आइए शुरू करते हैं 2025 की इस comprehensive checklist के साथ, जो आपके admission को सुनिश्चित करने में सहायक होगी।
NEET Scorecard और Admit Card की भूमिका
NEET (UG) 2025 का Scorecard किसी भी प्रकार की AYUSH counselling में भाग लेने के लिए सबसे प्राथमिक और अनिवार्य दस्तावेज़ है। यह न केवल आपकी योग्यता को प्रमाणित करता है, बल्कि counselling registration से लेकर final admission तक हर स्तर पर इसकी आवश्यकता होती है।
NEET Scorecard से संबंधित महत्वपूर्ण बातें:
- इसे आधिकारिक NTA वेबसाइट से PDF फॉर्मेट में download करें।
- Scorecard पर आपका roll number, percentile, score और qualifying status साफ़-साफ़ लिखा होना चाहिए।
- इस दस्तावेज़ की 2–3 रंगीन प्रतियां और एक soft copy तैयार रखें।
NEET Admit Card:
- कई counselling bodies (जैसे AACCC या कुछ राज्य) verification के समय admit card की मांग भी करती हैं।
- Admit Card पर आपके फोटो और signature होने चाहिए।
कई बार छात्र केवल scorecard रखते हैं और admit card की मांग पर परेशान हो जाते हैं। इसलिए दोनों दस्तावेज़ों को सुरक्षित और व्यवस्थित रखें।
10वीं और 12वीं की Marksheet व Certificate
Academic qualification के प्रमाण के रूप में 10वीं और 12वीं की marksheet और certificate अनिवार्य होते हैं।
10वीं के दस्तावेज़:
- जन्म तिथि प्रमाण के रूप में स्वीकार किए जाते हैं।
- नाम, माता-पिता का नाम, और बोर्ड का नाम स्पष्ट होना चाहिए।
12वीं के दस्तावेज़:
- आपकी subject eligibility (PCB group) को प्रमाणित करते हैं।
- BAMS/BHMS जैसे programs के लिए Physics, Chemistry, Biology अनिवार्य हैं।
- Aggregate percentage NEET eligibility के अनुसार होना चाहिए।
ध्यान रखें कि mark sheets पर किसी भी प्रकार की कटिंग या गलती न हो। यदि grading system है, तो conversion certificate साथ रखें।
Domicile Certificate की अनिवार्यता
राज्य कोटा की counselling में भाग लेने के लिए संबंधित राज्य का domicile certificate प्रस्तुत करना अनिवार्य होता है। यह प्रमाण पत्र यह साबित करता है कि छात्र उस राज्य का स्थायी निवासी है और वह राज्य quota में प्रवेश के लिए पात्र है।
किन्हें बनवाना चाहिए:
- वे छात्र जो किसी विशेष राज्य की 85% quota seat पर admission चाहते हैं।
- जिनकी schooling या residence उस राज्य में हुई है।
प्रमुख दस्तावेज़:
- State government द्वारा जारी official domicile certificate
- Supporting documents: ration card, electricity bill, residence proof, आदि
हर राज्य का domicile issuing authority अलग हो सकता है, जैसे SDM कार्यालय, तहसील या नागरिक सेवा केंद्र। कई राज्यों में online आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध है।
Domicile certificate में applicant का नाम, पता, और issue date स्पष्ट रूप से होना चाहिए। यह certificate आमतौर पर एक वर्ष के लिए मान्य होता है।
अक्सर छात्र counselling के समय इस प्रमाणपत्र की कमी के कारण वंचित रह जाते हैं। इसलिए 12वीं परीक्षा के बाद ही इसे बनवाना शुरू कर दें ताकि समय रहते verification हो सके।
Category Certificate (SC/ST/OBC/EWS)
अगर आप reserved category से आते हैं तो आपको category certificate counselling के समय प्रस्तुत करना होता है। यह certificate न केवल आपकी पहचान को दर्शाता है बल्कि आपको मिलने वाले reservation benefits को भी validate करता है।
किन्हें चाहिए:
- SC/ST/OBC/EWS वर्ग के छात्र जो reservation का लाभ लेना चाहते हैं।
प्रमुख शर्तें:
- Certificate latest financial year का होना चाहिए।
- केवल competent authority (SDM, Tehsildar, या district magistrate) द्वारा जारी किया गया होना चाहिए।
- Format वह होना चाहिए जिसे Central/State counselling authorities स्वीकार करती हैं।
OBC-NCL certificate में non-creamy layer status भी स्पष्ट रूप से लिखा होना चाहिए। SC/ST certificates में caste name और issuing authority की मुहर होनी आवश्यक है। EWS certificate हेतु family की income और asset declaration ज़रूरी है।
अगर certificate पुराना या गलत format में है, तो counselling में उसे reject किया जा सकता है। इसलिए समय पर प्रमाणपत्र को बनवाएं और update करते रहें।
PwD Certificate (यदि लागू हो)
यदि कोई छात्र Physically Disabled (PwD) category में आता है, तो उसके पास एक valid PwD certificate होना चाहिए जो government authorised medical board द्वारा जारी किया गया हो।
किसे चाहिए:
- वे छात्र जो NEET application में PwD category select करते हैं और counselling में उसी आधार पर reservation लेना चाहते हैं।
प्रमुख विशेषताएं:
- Certificate केवल designated disability assessment centres द्वारा जारी होना चाहिए।
- इसमें disability type, percentage और validity स्पष्ट रूप से उल्लिखित होनी चाहिए।
- केवल 40% या उससे अधिक की disability पर ही reservation applicable होता है।
स्वीकृत संस्थान:
- कई AIIMS, government medical colleges या regional centres को disability assessment हेतु अधिकृत किया गया है।
- प्रमाणपत्र जारी होने की तिथि counselling से 6–12 महीने पहले की होनी चाहिए (state-wise rules अलग हो सकते हैं)।
अनेक बार छात्र सामान्य physician से बना हुआ certificate ले आते हैं, जो counselling में अमान्य हो जाता है। इसलिए PwD certificate केवल मान्यता प्राप्त centre से बनवाएं और सभी विवरण अच्छी तरह से जांचें।
Valid Photo ID Proof
AYUSH Counselling 2025 में भाग लेने के लिए एक वैध पहचान पत्र (Photo ID Proof) अनिवार्य है। यह दस्तावेज़ आपकी पहचान को सत्यापित करता है और counselling प्रक्रिया के हर चरण में आपकी उपस्थिति को वैधानिक बनाता है।
स्वीकृत पहचान पत्र:
- Aadhaar Card
- Voter ID
- PAN Card
- Passport
- Driving License
प्रमुख शर्तें:
- पहचान पत्र original होना चाहिए
- इसमें नाम, फोटो और जन्मतिथि स्पष्ट रूप से दर्ज होनी चाहिए
- पहचान पत्र पर नाम NEET application के अनुसार होना चाहिए
कई counselling centres पर biometric verification किया जाता है, जिसमें photo ID proof की आवश्यकता होती है। ऐसे में laminated या क्षतिग्रस्त ID मान्य नहीं मानी जाती।
इसलिए सुनिश्चित करें कि आपके पास एक साफ, readable और अद्यतित photo ID मौजूद हो जो counselling प्रक्रिया में बिना किसी रुकावट के उपयोग की जा सके।
Gap Affidavit (यदि applicable हो)
यदि आपने 12वीं की परीक्षा के बाद एक या अधिक वर्ष का gap लिया है, तो आपको counselling में Gap Affidavit प्रस्तुत करना होता है। यह दस्तावेज़ यह स्पष्ट करता है कि आपके academic career में किसी भी अवैध गतिविधि या असत्यापन का स्थान नहीं है।
कब ज़रूरी होता है:
- जब आपके last academic certificate और counselling के बीच 1 वर्ष या उससे अधिक का अंतर हो।
मुख्य बातें:
- Gap Affidavit non-judicial stamp paper (₹10 या ₹20) पर होना चाहिए।
- इसमें स्पष्ट रूप से gap का कारण लिखा होना चाहिए जैसे – entrance preparation, medical issue, personal responsibility आदि।
- Self-declared affidavit होना चाहिए और local notary या magistrate द्वारा attested होना चाहिए।
कई counselling authorities gap affidavit की मांग इसलिए करती हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि छात्र genuine reasons से break पर था। इस affidavit को original के साथ दो फोटोकॉपी में तैयार रखें।
Character Certificate, Migration और Transfer Certificate
Character Certificate और Migration Certificate उन दस्तावेज़ों में आते हैं जो आपके past academic record और institutional conduct को दर्शाते हैं।
Character Certificate:
- इसे आपकी last attended school या college द्वारा जारी किया जाता है।
- यह certificate दर्शाता है कि छात्र का आचरण संस्थान में संतोषजनक रहा है।
Migration Certificate:
- यह तब आवश्यक होता है जब आप एक board या university से किसी दूसरे संस्थान में प्रवेश ले रहे हों।
- CBSE, ISC या State Boards से पढ़े छात्रों को यह certificate board द्वारा प्रदान किया जाता है।
Transfer Certificate (TC):
- यह school/college से प्राप्त होता है जहाँ आपने अंतिम बार पढ़ाई की हो।
- यह दर्शाता है कि आपने उस संस्थान को विधिवत रूप से छोड़ा है।
इन सभी प्रमाणपत्रों का उपयोग verification के दौरान किया जाता है। यदि आपकी current board/institution इन्हें digital format में देता है, तो उनकी print out के साथ QR code या verification number होना चाहिए। यह प्रमाण पत्र एक professional academic profile बनाते हैं, इसलिए इन्हें तैयार रखें।
NRI/OCI उम्मीदवारों के लिए जरूरी दस्तावेज़
अगर आप NRI या OCI category में आते हैं और AYUSH counselling में भाग लेना चाहते हैं, तो आपके लिए कुछ अतिरिक्त दस्तावेज़ों की आवश्यकता होती है। ये दस्तावेज़ आपकी नागरिकता, संपर्क और वित्तीय स्थिति को प्रमाणित करते हैं।
मुख्य दस्तावेज़:
- Valid Passport (उम्मीदवार या उनके माता-पिता/guardian का)
- OCI कार्ड या प्रमाणपत्र (यदि लागू हो)
- Sponsorship Letter (जिसमें स्पष्ट किया गया हो कि admission के लिए वित्तीय जिम्मेदारी कौन ले रहा है)
- Embassy Certificate (देश और अभिभावक की स्थायी निवास की पुष्टि के लिए)
- NRI bank account statement या financial proof
अन्य दिशा-निर्देश:
- सभी दस्तावेज़ अंग्रेजी में या अनुवाद के साथ होने चाहिए।
- Counselling authorities अलग-अलग दस्तावेज़ मांग सकती हैं, इसलिए state-wise और central rules को ध्यान से पढ़ें।
- Passport और sponsorship letter की प्रति self-attested होनी चाहिए।
कई बार अभ्यर्थी केवल NEET qualify कर लेने को पर्याप्त मान लेते हैं, लेकिन NRI quota के तहत counselling में प्रवेश के लिए ये दस्तावेज़ अनिवार्य हैं।
Document Verification के समय की तैयारी
Counselling प्रक्रिया के दौरान जब आप allotted college में reporting के लिए पहुंचते हैं, तब document verification होता है। इस चरण में आपका admission confirm होता है, इसलिए यह सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव है।
Document Verification के दौरान आवश्यक तैयारी:
- सभी original documents साथ रखें (जैसे NEET scorecard, admit card, marksheets, certificate आदि)
- सभी documents की 3-5 self-attested photocopies तैयार रखें
- एक folder में सभी documents क्रमवार लगाएं (कई colleges में physical file checking होती है)
- Passport size photographs (6–10) साथ रखें
- अगर किसी document में त्रुटि है, तो correction affidavit या clarification letter साथ लाएं
प्रमुख सुझाव:
- Document verification के लिए समय पर reporting करें
- कोई भी document last minute पर तैयार न करें
- Photocopy के साथ-साथ soft copy भी साथ रखें (USB या Google Drive पर)
Document verification ही वह step है जहाँ आपकी मेहनत को अंतिम रूप मिलता है। इसलिए यह सुनिश्चित करें कि आपके पास हर आवश्यक प्रमाणपत्र और उनकी प्रतियां सही प्रारूप में उपलब्ध हों।
अगर आप भी दस्तावेज़ों को लेकर उलझन में हैं…
तो घबराइए नहीं। सही दस्तावेज़ों की समय पर तैयारी आपके admission को आसान बना सकती है। Rajesh Mishra, जिनके पास 16 वर्षों का admission counselling का अनुभव है और जिन्होंने 3000 से भी ज़्यादा छात्रों को top AYUSH colleges में सफलतापूर्वक प्रवेश दिलाया है, अब आपके साथ हैं। GLN Admission Advice Pvt. Ltd. की विशेषज्ञ टीम आपको state-wise, category-wise और situation-specific दस्तावेज़ों की व्यक्तिगत सूची बनाकर देती है।
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Frequently Asked Questions
Q1. AYUSH counselling के लिए कौन-कौन से दस्तावेज़ अनिवार्य हैं?
NEET scorecard, admit card, 10वीं-12वीं marksheet, category certificate (यदि लागू हो), domicile, ID proof, आदि।
Q2. अगर किसी दस्तावेज़ में त्रुटि हो तो क्या करें?
Correction affidavit या valid explanation letter तैयार रखें और counselling authority को समय पर सूचित करें।
Q3. क्या photocopies की self-attestation ज़रूरी है?
हाँ, counselling centres पर self-attested photocopies मांगी जाती हैं।
Q4. NRI candidates को कौन-कौन से अतिरिक्त documents देने होते हैं?
Valid passport, embassy certificate, sponsor letter, NRI account statement, आदि।
Q5. क्या gap year वालों को affidavit देना होता है?
हाँ, एक notarized gap affidavit प्रस्तुत करना ज़रूरी होता है।
Q6. क्या character certificate की validity होती है?
अधिकांश कॉलेज पिछले 6 महीनों के भीतर जारी certificate को मान्यता देते हैं।
Q7. Document verification कब होता है?
Allotment के बाद allotted college में reporting के समय document verification किया जाता है।
Q8. क्या counselling के दौरान documents digital format में भी मान्य होते हैं?
हाँ, कुछ states digital documents स्वीकार करते हैं यदि उन पर QR code या verification ID हो। फिर भी physical copies ज़रूरी होती हैं।
NEET 2025 रिजल्ट पर लगी रोक हटी: कोर्ट के फैसले के बाद कब आ सकता है रिजल्ट?
NEET 2025 में भाग लेने वाले लाखों छात्रों और उनके माता-पिता के लिए बड़ी राहत की खबर आई है। मद्रास हाईकोर्ट ने 6 जून 2025 को NEET UG 2025 के री-एग्जाम की मांग करने वाली सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है। इन याचिकाओं में कुछ परीक्षा केंद्रों पर कथित बिजली कटौती के चलते छात्रों के प्रदर्शन पर असर पड़ने का दावा किया गया था।
लेकिन कोर्ट ने सरकार और National Testing Agency (NTA) की दलीलों को स्वीकारते हुए यह साफ कर दिया कि ऐसी स्थिति में 22 लाख छात्रों का रिजल्ट रोकना उचित नहीं है। अब जब यह कानूनी बाधा हट चुकी है, तो सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि NEET 2025 का रिजल्ट कब जारी होगा।
इस ब्लॉग में हम जानेंगे:
- कोर्ट के फैसले की पूरी जानकारी
- NTA की जांच रिपोर्ट और उसका महत्व
- क्या री-एग्जाम की संभावना बची है?
- NEET 2025 का संभावित रिजल्ट डेट
- रिजल्ट आने के बाद छात्रों को क्या करना चाहिए?
यदि आप या आपके बच्चे NEET 2025 में शामिल हुए हैं, तो यह लेख आपके लिए बेहद उपयोगी साबित होगा।
मद्रास हाईकोर्ट ने याचिकाएं क्यों खारिज कीं?
मद्रास हाईकोर्ट में दाखिल 5 याचिकाओं में दावा किया गया था कि 4 परीक्षा केंद्रों पर बिजली कटौती हुई थी, जिससे छात्रों को दिक्कत हुई। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि न तो backup उपलब्ध कराया गया, न ही अतिरिक्त समय दिया गया।
लेकिन कोर्ट ने पाया कि यह बिजली कटौती बहुत ही अल्पकालिक और प्राकृतिक आपदा (बारिश-तूफान) के कारण थी। साथ ही, परीक्षा दिन में 2 से 5 बजे के बीच हुई, जब पर्यावरणीय रोशनी पर्याप्त थी।
इसलिए कोर्ट ने कहा कि इतनी छोटी घटना के लिए 22 लाख छात्रों का रिजल्ट रोकना और री-एग्जाम कराना अव्यवहारिक होगा।
आधिकारिक कोर्ट ऑर्डर देखें
यदि आप Madras High Court द्वारा 06 जून 2025 को जारी किया गया पूरा कोर्ट ऑर्डर पढ़ना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें:
कोर्ट ऑर्डर की PDF कॉपी देखें
NTA की फील्ड रिपोर्ट ने क्या बताया?
NTA ने कोर्ट में एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। इसमें बताया गया कि संबंधित सेंटरों पर:
- सेंटर सुपरिटेंडेंट, ऑब्जर्वर, सिटी कोऑर्डिनेटर और इनविजिलेटरों से लिखित रिपोर्ट ली गई
- सभी ने पुष्टि की कि परीक्षाएं सुचारू रूप से चलीं
- किसी छात्र ने परीक्षा के दौरान शिकायत नहीं की
- बिजली कटौती के बावजूद परीक्षाएं प्रभावित नहीं हुईं
- पर्याप्त रोशनी और backup व्यवस्था मौजूद थी
NTA की इस रिपोर्ट को गंभीरता से लिया गया और कोर्ट ने इसे वैज्ञानिक आधार मानते हुए फैसला सुनाया।
सांख्यिकीय विश्लेषण से क्या पता चला?
NTA ने एक independent statistics expert panel बनाकर विश्लेषण कराया:
- Power outage वाले सेंटर में छात्रों ने उतने ही सवाल attempt किए जितने दूसरे सेंटर में
- Answer pattern और performance में कोई असामान्य गिरावट नहीं दिखी
- इससे यह सिद्ध हुआ कि छात्रों का प्रदर्शन प्रभावित नहीं हुआ
इस विश्लेषण से साफ हुआ कि री-एग्जाम की कोई आवश्यकता नहीं है।
क्या अब किसी और कोर्ट केस का असर हो सकता है?
कुछ अन्य केस जैसे मध्यप्रदेश और आंध्र प्रदेश में भी लंबित हैं। लेकिन उनमें से कोई भी stay order वाला केस नहीं है।
मद्रास हाईकोर्ट का यह फैसला एक रुचि निर्धारण precedent बन चुका है, जिसका असर दूसरे राज्यों की याचिकाओं पर भी होगा।
इसलिए अब किसी नए केस के कारण रिजल्ट रोका जाए — यह संभावना बहुत कम है।
NEET 2025 रिजल्ट कब आ सकता है?
अब जब कोर्ट ने साफ कर दिया है कि रिजल्ट रोकने की कोई वजह नहीं है, तो रिजल्ट जल्द आने की उम्मीद है।
ट्रेंड के अनुसार:
- Provisional Answer Key पहले ही जारी हो चुकी है
- Objection window बंद हो चुकी है
- Final Answer Key कभी भी आ सकती है
- इसके बाद रिजल्ट 1 से 3 दिन में घोषित किया जा सकता है
संभावना है कि NEET 2025 का रिजल्ट 10 जून से पहले आ सकता है।
क्या अब री-एग्जाम की संभावना बची है?
बिलकुल नहीं।
कोर्ट ने स्पष्ट कहा है:
- ये याचिकाएं frivolous आधार पर दायर की गई थीं
- NTA की प्रक्रिया निष्पक्ष और वैज्ञानिक है
- री-एग्जाम से अधिकतर छात्रों को नुकसान होगा
इसलिए छात्रों को अब सिर्फ एक ही बात पर ध्यान देना चाहिए — रिजल्ट के बाद की रणनीति।
रिजल्ट आने के बाद छात्र क्या करें?
रिजल्ट आते ही आपको निम्नलिखित बातें करनी होंगी:
- Official Website से अपना Scorecard डाउनलोड करें
- Cutoff और Rank के आधार पर संभावित colleges का मूल्यांकन करें
- जल्द से जल्द counselling registration की तैयारी करें
- Documents जैसे: category certificate, domicile, photo ID आदि तैयार रखें
यह प्रक्रिया समय-संवेदनशील होती है, इसलिए किसी expert से सलाह लेना फायदेमंद रहेगा।
Low Rank वालों के लिए क्या विकल्प हैं?
अगर आपकी rank कम है, तो भी निराश न हों:
- AYUSH (BAMS, BHMS, BUMS) और BSc Nursing जैसे courses के लिए भी अच्छे सरकारी विकल्प हैं
- Deemed Universities, Central Universities, और State Private Colleges में प्रवेश संभव है
- Cutoff analysis और choice filling की सही रणनीति से आप एक अच्छा कॉलेज पा सकते हैं
GLN Admission Advice Pvt. Ltd. जैसी संस्था से personalised guidance लेकर आप अपना भविष्य बेहतर बना सकते हैं।
NEET/AYUSH UG 2025 के लिए Expert Strategy कैसी हो?
एक अनुभवी काउंसलर की मदद से:
- आप अपनी rank और category के अनुसार best-fit colleges चुन सकते हैं
- सही choice filling order बना सकते हैं
- Backup plans तैयार कर सकते हैं
- गलतियों से बच सकते हैं (जैसे seat rejection, upgradation confusion आदि)
हमने 16 वर्षों में 3000+ छात्रों का मार्गदर्शन किया है — आपकी सफलता भी तय है, बस शुरुआत सही होनी चाहिए।
अफवाहों और गलत सूचनाओं से कैसे बचें?
हर साल लाखों छात्र अफवाहों के कारण भ्रमित हो जाते हैं।
रिजल्ट में देरी, री-एग्जाम, पेपर लीक जैसी खबरें ज़्यादातर असत्य होती हैं।
आपको केवल इन पर ध्यान देना चाहिए:
- Official announcements (nta.ac.in, mohfw.gov.in)
- Certified admission experts से जानकारी लेना
- Social media पर वायरल संदेशों से सतर्क रहना
सही जानकारी ही सही भविष्य की कुंजी है।
अगर आप सही काउंसलिंग चाहते हैं…
NEET 2025 रिजल्ट के बाद आपकी सही counselling strategy ही आपको एक बेहतर कॉलेज दिला सकती है।
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Frequently Asked Questions
Q1. क्या NEET 2025 रिजल्ट अब रोका जा सकता है?
नहीं, मद्रास हाईकोर्ट के फैसले के बाद कोई बाधा नहीं बची है।
Q2. रिजल्ट कब तक घोषित होने की संभावना है?
10 जून 2025 से पहले आने की पूरी उम्मीद है।
Q3. क्या री-एग्जाम की कोई संभावना है?
कोर्ट ने इसे पूरी तरह खारिज कर दिया है — कोई री-एग्जाम नहीं होगा।
Q4. Cutoff कैसे पता चलेगा?
रिजल्ट के बाद NTA और Counselling Authorities द्वारा category-wise cutoff जारी की जाएगी।
Q5. Low Rank होने पर क्या करें?
AYUSH, Nursing और Deemed Universities जैसे विकल्प explore करें।
Q6. Counselling में किन documents की ज़रूरत होती है?
NEET Scorecard, Photo ID, Category Certificate, Domicile आदि।
Q7. क्या choice filling में expert help लेनी चाहिए?
हां, सही choice filling से admission की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
Q8. GLN Admission Advice की मदद कैसे लें?
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AYUSH Counselling 2025: पूरी प्रक्रिया को 5 आसान स्टेप्स में समझें
AYUSH Counselling 2025 की प्रक्रिया उन छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर बन चुकी है जो NEET में योग्य तो होते हैं, लेकिन MBBS या BDS में सीट प्राप्त नहीं कर पाते। ऐसे में BAMS, BHMS, BUMS, BSMS, और BNYS जैसे पारंपरिक चिकित्सा पाठ्यक्रम एक वैकल्पिक नहीं, बल्कि व्यवहारिक और स्थायी करियर विकल्प बनकर उभरते हैं। इन courses में बढ़ती रुचि का एक मुख्य कारण है भारत सरकार की आयुष नीति, WHO की सक्रिय भागीदारी, और wellness healthcare सेक्टर का निरंतर विस्तार।
हालांकि, इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश की प्रक्रिया यानी AYUSH Counselling, छात्रों और अभिभावकों के लिए अक्सर जटिल और भ्रमित करने वाली सिद्ध होती है। कौन-सा portal सही है? किस round में भाग लेना चाहिए? क्या A और State counselling दोनों जरूरी हैं? ऐसे ढेरों सवाल हर साल लाखों छात्रों को परेशान करते हैं। इसलिए इस ब्लॉग का उद्देश्य है कि AYUSH Counselling 2025 की संपूर्ण प्रक्रिया को सरल भाषा में, 5 स्पष्ट चरणों के माध्यम से समझाया जाए, ताकि हर छात्र सही निर्णय ले सके और अपनी योग्यतानुसार सर्वोत्तम संस्था में प्रवेश प्राप्त कर सके।
Rajesh Mishra, जिनके पास 16 वर्षों का अनुभव है और जिन्होंने 3000 से अधिक छात्रों का सफलतापूर्वक मार्गदर्शन कर उन्हें प्रतिष्ठित सरकारी व निजी संस्थानों में प्रवेश दिलाया है, का मानना है कि सफलता केवल मेरिट पर नहीं, बल्कि सही जानकारी और समय पर लिए गए निर्णयों पर निर्भर करती है।
इस ब्लॉग में हम AYUSH Counselling 2025 की पूरी प्रक्रिया को 5 स्पष्ट और व्यावहारिक चरणों में समझेंगे, ताकि आप बिना किसी भ्रम के प्रत्येक स्टेप को आत्मविश्वास के साथ पूरा कर सकें।
Read Also:
- BSMS Course 2025: Admission, Syllabus, Fees, Cutoff, Colleges और Career
- BNYS Course 2025: Admission, Syllabus, Fees, Cutoff, Colleges और Career
- BUMS Course 2025: Admission, Syllabus, Fees, Cutoff, Colleges और Career
- BHMS Course 2025: Admission, Syllabus, Fees, Cutoff, Colleges और Career
- AACCC AYUSH UG Counselling 2025 Choice Filling रणनीति: BAMS BHMS BUMS BSMS के लिए
- BAMS Course 2025: Admission, Syllabus, Fees, Cutoff, Colleges और Career – Counsellor की नज़र से
- AACCC AYUSH UG Counselling 2025–26 Schedule जारी | Round-wise Dates & Process
नीचे दिए गए flowchart में आपको पूरी counselling प्रक्रिया का एक संक्षिप्त दृश्य मिलेगा:
[Visual Flowchart: Registration → Choice Filling → Result → Document Upload → Admission Confirmation]AYUSH Counselling 2025 Registration कैसे करें?
NEET 2025 के रिजल्ट के बाद दो स्तरों पर AYUSH counselling प्रक्रिया शुरू होती है:
(a) All India Quota (AIQ) Counselling – AACCC द्वारा संचालित:
AYUSH Admission Central Counselling Committee (AACCC) अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर online registration प्रक्रिया शुरू करती है। यह प्रक्रिया मुख्यतः BAMS, BHMS, BUMS, BSMS, और BNYS courses में AIQ seats के लिए होती है, जो सभी राज्यों के students के लिए open होती हैं।
रजिस्ट्रेशन के लिए छात्र को:
- अपनी NEET details दर्ज करनी होती हैं
- category, domicile और personal information भरनी होती है
- documents जैसे NEET scorecard, photo, signature आदि upload करने होते हैं
- रजिस्ट्रेशन फीस और सिक्योरिटी डिपॉजिट का भुगतान ऑनलाइन करना होता है
AACCC counselling में कुल 4 राउंड होते हैं:
- Round 1
- Round 2
- Mop-Up Round
- Stray Vacancy Round
इन राउंड्स में हिस्सा लेने के लिए समय पर registration और documents का submission अनिवार्य होता है।
(b) State Quota Counselling – राज्य सरकारों द्वारा आयोजित:
हर राज्य अपनी counselling प्रक्रिया अलग से आयोजित करता है जैसे कि UP AYUSH UG Counselling, MP AYUSH Counselling, Bihar, Rajasthan, आदि। इसमें 85% seats reserved होती हैं state domicile candidates के लिए।
State counselling के लिए:
- संबंधित राज्य की counselling वेबसाइट पर जाकर registration करना होता है
- domicile certificate अपलोड करना आवश्यक होता है (राज्य-विशिष्ट नियमों के अनुसार)
- कुछ राज्यों में physical document verification भी होता है
- राज्य स्तर पर भी multiple rounds और stray vacancy round होते हैं
Registration से पहले यह ध्यान रखें:
- हर counselling का अपना schedule और eligibility criteria होता है
- एक बार registration करने के बाद ही आप choice filling, allotment, और reporting के अगले steps में भाग ले सकते हैं
- Mobile number और email ID को OTP से verify करना पड़ता है, इसलिए वही details भरें जो आपके पास उपलब्ध हों
छोटी-छोटी गलतियां students को admission process से बाहर कर सकती हैं। इसलिए, दोनों स्तरों की counselling को समझें और समय पर register करें।
NEET में qualify करना ही पर्याप्त नहीं है, सही समय पर सही कदम उठाना सबसे ज़रूरी है। Registration step को हल्के में न लें क्योंकि यही आपकी counselling journey की नींव है।
Choice Filling और Locking: कॉलेज और कोर्स का चयन
Registration के बाद अगला चरण होता है choice filling, जिसमें छात्र अपनी पसंद के colleges और AYUSH courses (जैसे BAMS, BHMS आदि) की प्राथमिकता तय करते हैं।
यहां कुछ tips:
- सरकारी colleges को ऊपर रखें (low fee और good facilities के कारण)
- पिछले साल की cutoffs देखकर यथार्थवादी विकल्प चुनें
- BHMS/BUMS को BAMS के बाद prioritize करें अगर marks कम हैं
- Locking से पहले हर विकल्प पर दोबारा सोचें क्योंकि यही final माना जाएगा
अब ज़रा सोचिए, एक student ने केवल 3 colleges भरे, और उनमें से कोई भी allot नहीं हुआ। वहीं दूसरा student 30 विकल्प भरता है और उसे बेहतर विकल्प मिल जाता है। समझदारी यहीं काम आती है।
Seat Allotment Result और Seat Acceptance Process
Choice locking के बाद AACCC द्वारा All India Quota (AIQ) seats के लिए seat allotment result घोषित किया जाता है, जिसमें यह स्पष्ट होता है कि किस छात्र को कौन-सी seat आवंटित हुई है। allotment के बाद छात्र को सबसे पहले अपना seat acceptance letter डाउनलोड करना होता है, संबंधित फीस जमा करनी होती है, और provisional allotment letter प्राप्त करना होता है। यह प्रक्रिया पूरे देश के लिए होती है, और AIQ के अंतर्गत किसी भी राज्य के छात्र किसी भी अन्य राज्य की 15 % AIQ seats पर admission पा सकते हैं।
State Quota counselling में भी यही प्रक्रिया अपनाई जाती है, लेकिन इसमें राज्य की कुल सीटों में से 85% seats केवल उसी राज्य के domicile students के लिए आरक्षित होती हैं। हर राज्य अपने नियमों के अनुसार इन सीटों का allotment करता है। allotment के बाद छात्रों को संबंधित राज्य की आधिकारिक counselling वेबसाइट से allotment letter डाउनलोड करना होता है।
AIQ और State दोनों ही स्तरों पर allotment स्वीकार करने के पश्चात document verification एक अनिवार्य चरण होता है। verification के बाद छात्र को यह निर्णय लेना होता है कि वह allot हुई seat को freeze करेगा, अगले round के लिए upgrade विकल्प चुनेगा या counselling प्रक्रिया से withdraw करेगा। यदि निर्धारित समयसीमा के भीतर कोई action नहीं लिया गया, तो allotment स्वतः रद्द माना जा सकता है।
Document Upload और Verification
Seat allotment के बाद छात्रों को online या physical mode में अपने documents upload/verify कराने होते हैं। यह step admission confirmation के लिए बहुत जरूरी होता है।
जरूरी documents में शामिल होते हैं (AIQ और State Counselling दोनों के लिए आवश्यक):
- Domicile certificate (State Quota के लिए अनिवार्य)
- Income certificate (कुछ राज्यों में fee waiver के लिए आवश्यक)
- Character certificate (school/college से प्राप्त)
- Transfer certificate (12वीं के बाद जारी)
- Gap affidavit (यदि applicable हो)
साथ ही:
- NEET 2025 scorecard और admit card
- 10वीं और 12वीं की marksheet
- category certificate (अगर लागू हो)
- identity proof (Aadhar card, PAN card आदि)
- passport size photographs
- Allotment letter
Verification से पहले हर document को दोबारा cross-check करें। दस्तावेज़ों की त्रुटि admission को प्रभावित कर सकती है, इसलिए सुनिश्चित करें कि सभी प्रमाणपत्र सही और अपडेटेड हों।
Reporting at the Allotted Institute
Counselling प्रक्रिया के अंतिम चरण में, छात्रों को अपने allotted institute में नियत समय सीमा के भीतर physically या online report करना होता है। इस चरण में छात्र को अपने original documents प्रस्तुत करने होते हैं, admission form भरना होता है, और संबंधित institute की निर्धारित फीस जमा करनी होती है। सभी दस्तावेज़ों की जांच के पश्चात institute द्वारा final admission confirmation letter प्रदान किया जाता है।
कुछ संस्थान reporting के लिए physical उपस्थिति अनिवार्य करते हैं, जबकि कुछ आधुनिक प्रक्रिया अपनाते हुए online verification और admission confirmation की सुविधा भी देते हैं। हर स्थिति में, reporting की अंतिम तिथि का विशेष ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक होता है क्योंकि समय पर उपस्थित न होने की स्थिति में allotment स्वतः रद्द किया जा सकता है। यह चरण ही आपके प्रवेश को औपचारिक रूप से मान्यता देता है।
Mop-Up और Stray Vacancy Rounds
AYUSH Counselling 2025 में यदि कोई छात्र पहले तीन rounds (Round 1, Round 2, और Mop-Up Round) में किसी कारणवश admission प्राप्त नहीं कर पाता, तो उसके लिए अंतिम मौका होता है Stray Vacancy Round. AACCC की आधिकारिक counselling प्रक्रिया में चार चरण होते हैं, जिनमें अंतिम दो—Mop-Up और Stray Vacancy—विशेष रूप से खाली बची हुई सीटों को भरने के लिए आयोजित किए जाते हैं।
Mop-Up Round:
- इस राउंड में वे छात्र भाग ले सकते हैं जिन्होंने Round 1 या Round 2 में admission नहीं लिया हो या जिनकी seat upgrade नहीं हुई हो।
- Fresh registration की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन नए सिरे से choice filling करनी होती है।
- इस round में जो seats खाली बचती हैं, वे केवल इसी राउंड के लिए निर्धारित होती हैं।
- Allotment प्रक्रिया पूरी तरह से centralized होती है और allotment result AACCC की वेबसाइट पर घोषित किया जाता है।
Stray Vacancy Round:
- इसमें केवल वे छात्र ही पात्र होते हैं जिन्होंने किसी भी राउंड में registration किया हो और जिनका admission अब तक confirm नहीं हुआ हो।
- इस राउंड में fresh registration और choice filling की अनुमति नहीं होती।
- Allotment प्रक्रिया AACCC या संबंधित राज्य counselling प्राधिकरण द्वारा संचालित की जाती है, लेकिन allotment के बाद उम्मीदवारों को institute level पर report करना होता है।
- यह round अंतिम अवसर होता है admission प्राप्त करने का, और इसमें allotment strictly merit के आधार पर किया जाता है।
State AYUSH Counselling प्रक्रिया
All India Quota counselling के अतिरिक्त प्रत्येक राज्य अपनी स्वयं की AYUSH counselling प्रक्रिया आयोजित करता है। यह प्रक्रिया 85% राज्य कोटे की सीटों के लिए होती है और केवल राज्य के पात्र domicile students को ही इन सीटों पर आवेदन करने की अनुमति होती है। कुछ प्रमुख राज्य counselling हैं: UP AYUSH UG Counselling (dgme.up.gov.in), MP AYUSH Counselling (ayush.mponline.gov.in), Rajasthan AYUSH (rajugpgayushcounselling.in), Bihar UGMAC (bceceboard.bihar.gov.in) और Maharashtra AACCC State Quota AYUSH (cetcell.net.in)।
राज्य स्तरीय counselling में भाग लेने के लिए:
- उम्मीदवार को संबंधित राज्य की आधिकारिक counselling वेबसाइट पर जाकर online registration करना होता है।
- Domicile certificate अनिवार्य होता है।
- कुछ राज्यों में 10वीं व 12वीं की पढ़ाई उसी राज्य से होना भी पात्रता का हिस्सा होता है।
- कई राज्यों में EWS, OBC, Minority या PH category प्रमाण पत्र मांगे जाते हैं।
प्रक्रिया में शामिल चरण:
- Online registration और document upload
- State-specific application fee का भुगतान
- Choice filling और locking
- State authority द्वारा allotment result की घोषणा
- Document verification और institute level reporting
राज्य counselling में भी कई राउंड होते हैं:
- Round 1
- Round 2
- Mop-Up Round
- Stray Vacancy Round
कुछ राज्यों में stray round में offline या institute level reporting की व्यवस्था होती है। हालांकि allotment सूची राज्य counselling portal पर ही प्रकाशित होती है।
यदि कोई छात्र केवल AACCC counselling करता है और अपनी राज्य counselling को ignore करता है, तो वह राज्य कोटे की 85% सीटों से चूक सकता है। इसलिए दोनों counselling स्तरों में समान रूप से भाग लेना आवश्यक होता है।
All India Quota counselling के अलावा हर राज्य अपनी counselling भी आयोजित करता है। उदाहरण के लिए: UP AYUSH UG counselling, MP AYUSH counselling आदि।
इनमें हिस्सा लेने के लिए:
- राज्य counselling portal पर registration करें
- domicile certificate ज़रूरी हो सकता है
- state quota की cutoff अलग होती है
कुछ राज्यों में physical document verification भी होता है और कुछ में centralized allotment system होता है।
NRI Quota और Private Colleges की Counselling
AYUSH Counselling 2025 में NRI Quota और Private Colleges के Management Quota के लिए अलग प्रक्रिया निर्धारित होती है, जो AACCC (All India Quota) और विभिन्न राज्य counselling के अंतर्गत ही संचालित होती है। यह प्रक्रिया institute level पर नहीं होती, बल्कि आधिकारिक counselling पोर्टल पर centralized प्रणाली से नियंत्रित की जाती है।
NRI Quota के लिए आवश्यक बातें:
- उम्मीदवार का NRI होना या NRI sponsor (parents/guardian) से संबंधित होना अनिवार्य होता है।
- NRI प्रमाण पत्र, sponsor declaration, पासपोर्ट की कॉपी और relationship affidavit जैसे दस्तावेज़ अनिवार्य होते हैं।
- कुछ राज्यों में NRI quota के लिए अलग से application करना होता है।
- NRI quota की फीस General category से कई गुना अधिक होती है और इसे USD या INR में pay करना होता है।
Private Colleges की Counselling प्रक्रिया:
- सभी Private AYUSH Colleges की सीटें Centralised Counselling के माध्यम से ही allot की जाती हैं—चाहे वह NRI हो या Management quota।
- छात्रों को इन colleges को preference list में शामिल करना होता है और सीट allotment उसी के आधार पर किया जाता है।
- कुछ राज्य (जैसे UP, MP, Maharashtra) निजी कॉलेजों की counselling भी state authority के माध्यम से कराते हैं।
Important Note:
किसी भी मान्यता प्राप्त AYUSH कॉलेज में direct admission केवल उसी स्थिति में संभव होता है जब वह seat stray vacancy round के बाद भी खाली रह जाए और राज्य प्राधिकरण द्वारा इसकी अनुमति दी जाए।
इसलिए NRI और Private College admissions के लिए भी पूरी counselling प्रक्रिया को समझना और step-by-step भाग लेना अत्यंत आवश्यक होता है।
Private AYUSH colleges में NRI quota और management quota seats होती हैं। इनकी counselling अलग होती है और अक्सर institute level पर होती है।
जरूरी बातें:
- NRI certificate/affidavit की ज़रूरत होती है
- Fee structure अलग (कई गुना अधिक) हो सकता है
- Direct admission की संभावना होती है, लेकिन documents पूरे होने चाहिए
Common Mistakes जो छात्र करते हैं
AYUSH Counselling 2025 की प्रक्रिया में छोटे-छोटे तकनीकी या निर्णय संबंधी भ्रम छात्रों को उनकी मेहनत के बावजूद seat allotment से वंचित कर सकते हैं। हर वर्ष कई छात्र ऐसे होते हैं जो केवल एक minor गलती या deadline miss करने के कारण counselling प्रक्रिया से बाहर हो जाते हैं। यह जरूरी है कि छात्र प्रत्येक चरण को गंभीरता से लें और किसी भी निर्देश या तिथि को हल्के में न लें।
सबसे सामान्य गलतियां जो छात्र करते हैं:
- Documents में त्रुटि: गलत या अधूरे documents upload करना, जैसे category certificate या domicile certificate की वैधता न होना।
- Choice Filling की लापरवाही: बहुत कम colleges का चयन करना या गलत preference order देना।
- Fee Payment Miss करना: counselling fees या security deposit जमा न करना या समय सीमा से चूक जाना।
- Reporting में देरी: allotted institute में समय पर reporting न करना या documents की original कॉपी साथ न लाना।
- Participation छोड़ देना: किसी round में भाग न लेना या auto-withdrawal की शर्तों को न समझना।
हर छात्र को चाहिए कि वह counselling schedule, eligibility, और documentation पर विशेष ध्यान दे। एक छोटी चूक भी एक साल का नुकसान कर सकती है। इसलिए, जागरूक रहना और विशेषज्ञ की सलाह लेना अत्यंत जरूरी होता है।
- गलत documents upload करना
- choice filling में कम विकल्प भरना
- counselling fees pay न करना
- reporting में देरी करना
- किसी round में participate न करके बाहर हो जाना
मैंने अपने अनुभव में कई ऐसे छात्र देखे हैं जिन्होंने सिर्फ एक technical issue या deadline miss करने जैसी छोटी गलती के कारण पूरे साल की मेहनत को खो दिया। ऐसे उदाहरण यह स्पष्ट करते हैं कि counselling प्रक्रिया में हर छोटे-बड़े कदम को गंभीरता से लेना आवश्यक है। इसलिए, हर छात्र और अभिभावक को पूरी सतर्कता और सही मार्गदर्शन के साथ इस प्रक्रिया में भाग लेना चाहिए।
AYUSH Courses का Scope और Future Opportunities
आज के समय में AYUSH courses न केवल भारत में, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी एक मजबूत पहचान बना चुके हैं। इन कोर्सों के अंतर्गत BAMS, BHMS, BUMS, BSMS और BNYS जैसे पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में गहन अध्ययन किया जाता है, जो अब आधुनिक टेक्नोलॉजी, डिजिटल हेल्थ और इंटीग्रेटिव मेडिसिन के साथ मिलकर नया भविष्य गढ़ रहे हैं। WHO द्वारा भारत में Global Centre for Traditional Medicine की स्थापना, NEP 2020 में AYUSH को बढ़ावा, और मेडिकल टूरिज्म की बढ़ती मांग ने इस क्षेत्र के अवसरों को और भी सुदृढ़ किया है।
AYUSH Courses के बाद संभावित Career Options:
- सरकारी और निजी अस्पताल: BAMS/BHMS/BUMS डॉक्टर के रूप में सरकारी dispensary, PHC, CHC, और private clinics में कार्य।
- Higher Education: MD/MS in AYUSH branches, जैसे Kayachikitsa, Panchakarma, Materia Medica, Surgery, Shalya/Shalakya आदि।
- शोध और शिक्षा: ITRA, CCRAS, CCRH जैसे संस्थानों में Research Associate, Ph.D. Fellow, Teaching Faculty बन सकते हैं।
- Entrepreneurship: खुद का क्लिनिक, पंचकर्म सेंटर, आयुर्वेदिक दवा निर्माण यूनिट या वैलनेस ब्रांड शुरू करने की संभावना।
- Medical Tourism: विदेशी नागरिकों के बीच Panchakarma, Detox और Yoga आधारित उपचारों की लोकप्रियता से Global Practice का अवसर।
- E-Consultation और Telemedicine: डिजिटल स्वास्थ्य मिशन और आयुष्मान भारत जैसी सरकारी योजनाएं Teleconsultation आधारित सेवा को बढ़ावा दे रही हैं।
- वेलनेस और लाइफस्टाइल इंडस्ट्री: Wellness centres, yoga institutes, naturopathy resorts और health retreats में आयुष विशेषज्ञों की मांग बढ़ रही है।
- International Licensure Exams: कुछ देशों में BHMS/BAMS आधारित practice की अनुमति होती है, आवश्यक bridging course या licensure exam के साथ।
यदि छात्र इन कोर्सों को केवल विकल्प के रूप में नहीं बल्कि एक long-term career opportunity मानकर आगे बढ़ते हैं, तो वे एक सुरक्षित, सम्मानजनक और समृद्ध भविष्य सुनिश्चित कर सकते हैं।
आज के समय में AYUSH courses सिर्फ भारत में ही नहीं, विदेशों में भी पहचान बना रहे हैं। WHO का Global Centre for Traditional Medicine भारत में खुलना, integrative medicine का बढ़ता चलन, और सरकार की सक्रिय भागीदारी इस क्षेत्र को मजबूती दे रही है।
अगर आप भी AYUSH admission को लेकर उलझन में हैं…
तो चिंता की कोई बात नहीं है। कई छात्र और अभिभावक इस जटिल प्रक्रिया को लेकर असमंजस में रहते हैं—कौन-सी counselling करें, कौन-से documents जरूरी हैं, और कौन-सा college सही रहेगा। अगर आप भी ऐसी किसी दुविधा का सामना कर रहे हैं, तो आपके लिए यह जानना राहत भरा होगा कि GLN Admission Advice Pvt. Ltd. पिछले 16 वर्षों से छात्रों को सही दिशा दिखा रहा है।
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FAQs (बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्न)
1. AYUSH Counselling 2025 में कौन-कौन से courses शामिल हैं?
BAMS, BHMS, BUMS, BSMS और BNYS जैसे undergraduate AYUSH programs शामिल हैं।
2. क्या NEET 2025 qualify करना जरूरी है?
हाँ, AYUSH counselling में भाग लेने के लिए NEET qualify करना अनिवार्य है।
3. AYUSH counselling में कितने rounds होते हैं?
All India counselling में मुख्यतः 3 rounds होते हैं: Round 1, Round 2 और Mop-Up. फिर stray vacancy round होता है।
4. क्या मैं एक साथ All India और State counselling दोनों में भाग ले सकता हूं?
हाँ, आप दोनों counselling प्रक्रियाओं में भाग ले सकते हैं।
5. NRI quota के लिए कौन eligible होता है?
विदेश में रहने वाले भारतीय या उनके बच्चे जिनके पास NRI प्रमाण पत्र है, eligible होते हैं।
6. अगर मुझे allotted seat पसंद नहीं आई तो क्या कर सकता हूं?
आप उसे reject कर सकते हैं और अगले round में participate कर सकते हैं। लेकिन withdrawal और forfeiture की policy ध्यान से पढ़ें।
7. क्या counselling fees refundable होती है?
Security deposit कुछ स्थितियों में refundable होती है, लेकिन counselling registration fees refundable नहीं होती।
8. क्या private college में counselling के बिना admission मिल सकता है?
कुछ colleges में management quota से direct admission होता है, लेकिन ऐसे admission को भी documents और eligibility fulfill करना ज़रूरी होता है।






